महिला आरक्षी निहारिका पांडेय ने बालिकाओं को सरल, सहज और बाल-अनुकूल भाषा में सुरक्षित व असुरक्षित स्पर्श की जानकारी दी । उन्होने बालिकाओं को समझाते हुए कहा कि यदि कोई स्पर्श उन्हें असहज करे तो वे न कहना, वहां से हट जाना और तुरंत अभिभावक या शिक्षक को बताना जरूरी है। सुश्री पाण्डेय ने गुड टच एवं बैड टच के विषय पर बालिकाओं को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से जागरूक किया, ताकि वे किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, उत्पीड़न अथवा शोषण की पहचान कर सकें और समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें । सत्र के दौरान साइबर अपराध, बाल यौन शोषण से संरक्षण, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, महिला सुरक्षा कानूनों एवं बच्चों के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं की भी जानकारी दी गई । बच्चों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, दुर्व्यवहार या शोषण होने पर वे बिना डर अपने माता-पिता, शिक्षक या विश्वसनीय व्यक्तियों को इसकी सूचना दें । कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा पुलिस हेल्पलाइन 112 के उपयोग एवं सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया गया ।