Sonbhadra News : स्वयंवर में शिव का खण्डित धनुष देख भड़क उठी परशुराम के क्रोध की ज्वाला
महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान में मंचित हो रहे श्रीराम लीला के पांचवे दिन धनुषयज्ञ लीला का मंचन किया गया

सोनभद्र
2:32 PM, October 13, 2026
धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र)। स्थानीय थाना क्षेत्र के महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान में चल रहे श्री रामलीला के पांचवे दिन सोमवार को धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया गया।
सर्वप्रथम युवा समाजसेवी संजय श्रीवास्तव ने प्रभु श्रीराम व माता जानकी की आरती उतारी,ततपश्चात रामलीला प्रारम्भ हुआ।
आरबीएस रामलीला मैदान पर मंचन के पांचवे दिन समिति के कलाकारों ने विभिन्न चरित्रों का जीवंत अभिनय कर आगन्तुक दर्शकों का मन मोह लिया। रात्रि में रामलीला मैदान पर सीता द्वारा गौरी पूजन, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन हुआ। स्वयंबर में खण्डित धनुष देख परशुराम के क्रोध की ज्वाला भड़क उठता है।लक्ष्मण के बातों को सुनकर परशुराम की क्रोध और बढ़ने लगती है,वहीँ प्रभु श्रीराम के मृदुल भाव व वचन सुनकर उनकी ज्वाला कम होती है।पुनः जब परशुराम को ज्ञात होता है कि श्री राम ही नारायण हैं तब उनके विजयी होने की कामना करते हैं।
पांचवे दिन मंचन के क्रम में राजा जनक के स्वयंबर के शर्त के अनुसार अनेक दूर-दूर से आए राजा गण जब धनुष को तोड़ने की बात दूर उसे उठाने में भी अपनी असमर्थतता दिखाते हैं तब राजा जनक कहते हैं कि मुझे ऐसा आभास हो रहा है कि इस पृथ्वी पर कोई बलशाली नही है,यह पूरी धरा बीरों से खाली है।मैंने यह स्वयंबर रचकर अपनी जग हँसाई करायी है।यह वचन सुनते ही मुनि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्री राम धनुष की चाप चढ़ाकर उसका खण्डन करते हैं। राजा जनक के प्रतिज्ञा की शर्त पूरी होते ही वैदेही प्रभु श्रीराम के गले मे जयमाला पहनाती है।
"श्री रघुवर कोमल कमलनयन को पहनाओ जयमाला" से पूरा मैदान गुंजायमान हो जाता है।
इसअवसर पर समिति के अध्यक्ष व ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल,बीरेंद्र कनौजिया,अमित कन्नौजिया, दिलगज राम कन्नौजिया,जितेन्द्र जौहरी सहित समिति के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।इस मौके पर दर्शकों की भीड़ देखने लायक थी।




