Sonbhadra News : मरीज की मौत मामले में पंचशील हॉस्पिटल का पलटवार, छवि धूमिल करने की साजिश का लगाया आरोप
हाल ही में मरीज की मौत को लेकर सुर्खियों में आए पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने पूरे मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक करते हुए कई अहम दावे किए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति......

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sonbhadra
11:43 AM, June 22, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• प्रबंधन ने जारी की सार्वजनिक विज्ञप्ति, कहा- गंभीर हालत में भर्ती था मरीज, इलाज के बाद किया गया था रेफर
सोनभद्र । हाल ही में मरीज की मौत को लेकर सुर्खियों में आए पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने पूरे मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक करते हुए कई अहम दावे किए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ और दुर्भावना के चलते अस्पताल की प्रतिष्ठा तथा चिकित्सकों की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रबंधन ने इसे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और अस्पताल को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश बताया है।
अस्पताल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार मृतक मरीज रामविलास को पेट में असहनीय दर्द और सांस लेने में गंभीर परेशानी की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान चिकित्सकों को पता चला कि मरीज की किडनी सामान्य रूप से कार्य नहीं कर रही थी तथा फेफड़ों में भी पानी भर चुका था। मरीज की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे बेहतर एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा वाले केंद्र में रेफर करने की सलाह दी गई थी।
प्रबंधन का दावा है कि चिकित्सकीय परामर्श के बावजूद मरीज के परिजन तत्काल रेफर अस्पताल ले जाने में असमर्थता जता रहे थे। बाद में परिजनों ने मरीज को अपनी इच्छा से अस्पताल से डिस्चार्ज कराया और एक निजी वाहन से वाराणसी स्थित अस्पताल ले गए। अस्पताल का कहना है कि उसी रात मरीज को मृत अवस्था में पुनः पंचशील हॉस्पिटल लाया गया।
झूठे आरोपों से बदनाम करने की कोशिश -
प्रेस विज्ञप्ति में अस्पताल प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग निजी हितों की पूर्ति के लिए अस्पताल के वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ एवं निदेशक को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रबंधन का कहना है कि मामले में दर्ज कराई गई एफआईआर को न्यायालय में चुनौती दी गई है और प्रकरण वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
अस्पताल के कानूनी सलाहकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मामले पर माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में सुनवाई चल रही है। न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ताओं को अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए राज्य पक्ष एवं अन्य संबंधित पक्षों से जवाब भी तलब किया गया है।
विचाराधीन मामले पर संयम बरतने की अपील -
अस्पताल प्रबंधन ने आमजन, सामाजिक संगठनों और मीडिया से अपील की है कि न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी प्रसारित न की जाए। विज्ञप्ति में कहा गया है कि तथ्यों की अनदेखी कर किए जा रहे आरोप न केवल संस्थान की साख को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि चिकित्सा सेवा से जुड़े लोगों के मनोबल को भी आहत कर रहे हैं।
मामले ने पकड़ा नया मोड़ -
मरीज की मौत के बाद उठे सवालों के बीच पंचशील हॉस्पिटल की ओर से जारी यह सार्वजनिक स्पष्टीकरण पूरे प्रकरण को नया मोड़ देता दिखाई दे रहा है। एक ओर जहाँ परिजनों के आरोप हैं तो दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन स्वयं को निर्दोष बताते हुए न्यायालय की शरण में पहुंच चुका है। ऐसे में अब सभी की निगाहें न्यायिक प्रक्रिया और आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।




