Sonbhadra News:अधिवक्ता संशोधन बिल को लेकर आक्रोश, प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
स्थानीय अधिवक्ताओं ने एडवोकेट एक्ट 1961 में प्रस्तावित संशोधन बिल 2025 के विरोध में आज जमकर आवाज उठाई है।इस दौरान अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन व नारेबाजी कर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी न्याय

अधिवक्ता संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन करते अधिवक्तागण
sonbhadra
7:16 PM, February 21, 2025
रमेश (संवाददाता )
दुद्धी, सोनभद्र। स्थानीय अधिवक्ताओं ने एडवोकेट एक्ट 1961 में प्रस्तावित संशोधन बिल 2025 के विरोध में आज जमकर आवाज उठाई है।इस दौरान अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन व नारेबाजी कर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी न्यायिक अश्वनी कुमार को सौंपा है । दिए ज्ञापन में अवगत कराया है कि अधिवक्ता समाज वादकारी हित में कार्य करता है। अधिवक्ता वादकारियों को सुलभ न्याय दिलाने के लिए न्यायालय के समक्ष वादकारी हित में बातों को रखता है।सरकार द्वारा हम अधिवक्ताओं की नाक में नकेल डालने के लिए जजो व सरकार का गुलाम बनाने के लिए एडवोकेट एक्ट 1961 में संशोधन कर नया कानून लाने की तैयारी की जा रही है। इस नये संशोधित एक्ट के लागू हो जाने से हम अधिवक्ताओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अंकुश लग जायेगा। जिससे हम अधिवक्तागण स्वतंत्र होकर वादकारी हित में कार्य नही कर पायेंगे । इस नये संशोधित कानून के विरोध में बार कौंसिल आफ उत्तर प्रदेश के द्वारा निर्णय लिया गया है कि हम समस्त अधिवक्तागण एडवोकेट एक्ट 1961 में संशोधन का विरोध करेंगे।।उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग किया है कि एडवोकेट एक्ट 1961 में प्रस्तावित संशोधन बिल 2025 को लागू करने से रोका जाए।एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।अधिवक्ताओं को सरकार की तरफ से आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए 10 लाख का मेडिक्लेम और किसी अधिवक्ता की मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की जाए।उन्होंने कहां की इस विरोध प्रदर्शन के पीछे का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें न्यायपालिका व सरकार के दबाव से मुक्त रखना है। यह संशोधन अधिवक्ताओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अंकुश लगाएगा और उन्हें न्यायपालिका व सरकार का गुलाम बना देगा।इसके पूर्व सैकड़ो अधिवक्ताओं ने बाहों में काली पट्टी बांधकर कचहरी परिसर में एकत्र हुए वहां से जुलूस के शक्ल में सैकड़ो अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए तालाब रोड होते हुए तहसील परिसर पहुंचे वहां पर भी जमकर नारेबाजी किया।जुलूस का नेतृत्व दुद्धी बार संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद यादव एवं सिविल बर संघ के अध्यक्ष विष्णु कांत तिवारी ने संयुक्त रूप से किया।प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने एक्ट को वापस लिए जाने की मांग की। तत्पश्चात अधिवक्ताओं ने अपनी मांग पत्र राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी न्यायिक को सौंपा। इस मौके पर दुद्धी बार संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद यादव, सिविल बार संघ के अध्यक्ष विष्णुकांत तिवारी,जितेंद्र श्रीवास्तव नंदलाल, रामपाल जौहरी,राकेश श्रीवास्तव,सत्यनारायण यादव,प्रभु सिंह कुशवाह, राकेश गुप्ता,प्रेमचंद गुप्ता, आशीष गुप्ता,कृष्णदेव, अभिनाथ यादव, मनोज यादव, आदर्श सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे ।




