मिली जानकारी के मुताबिक गांव में डायरिया का प्रकोप इस कदर बढ़ गया कि वह अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया और नौगढ़ से अपने मायके आयी तेतरी पुत्री सुद्धू 30 वर्ष सबसे पहले डायरिया की चपेट में आई और उसकी मौत हो गयी। तेतरी की मौत के बाद गांव में हड़कम्प मच गया । जब तक लोग कुछ सोचने कुछ दिनों बाद अंजलि पुत्री गोबिंद उम्र 13 वर्ष भी डायरिया की चपेट में आ गई और वह भी दम तोड़ दी । लगातार डायरिया के मरीज बढ़ने से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया । बढ़ती संख्या व स्थिति को देखते हुए कन्हैया 23 वर्ष, फूलन देवी 27 वर्ष, चांदनी 35 वर्ष, इन्द्रावती 9 वर्ष, सीमा 6 वर्ष, मालती 4 वर्ष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया । गांव में लगातार बढ़ते डायरिया मरीजों को लेकर ग्रामीणों को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाय । इसी बीच गुरुवार को नरेश पुत्र निरंजन 65 वर्ष ने भी डायरिया से दम तोड़ दिया ।