दुद्धी, सोनभद्र। समाज कल्याण राज्यमंत्री के जिले में लगातार उनके ही विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार और उसके बाद कार्यवाही न होना अब आमलोगों के बीच चर्चा का विषय बनता जा रहा है ।
पहले शक्तिनगर व बभनी क्षेत्र में बुजुर्गों को जिंदा रहते मृत दिखाए जाने का मामला सामने आया, फिर चोपन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में फर्जी शादी कराए जाने का मामला उजागर हुआ लेकिन किसी मामले में न कोई कार्यवाही हुई और न मंत्री का कोई बयान आया ।
अब सोमवार को मंत्री के ही विभाग से एक मामले में जहां पूरे दिन प्रशासन हलकान दिखा वहीं एक बार फिर मंत्री की भी खूब किरकिरी हुई ।
दरअसल दुद्धी तहसील मुख्यालय स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय(पूर्व नाम एटीएस )के सैकड़ों छात्रों ने सोमवार को विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने पर विद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और नाराज़ छात्र जुलूस निकाल कर नारेबाज़ी करते हुए तहसील परिसर में पहुँचे और वहाँ धरना पर बैठ गए। नाराज छात्रों ने बताया कि विद्यालय में जूता, मोजा, चादर एवं कंबल की सुविधाएँ बंद कर दी गई हैं।वहीं भोजन का स्तर बहुत घटिया है l इसके पूर्व छात्र समाज कल्याण अधिकारी एवं अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खारवार के समक्ष भी अपनी शिकायतें रख चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला है । छात्रों ने बताया कि जब वे अपनी समस्या लेकर अधीक्षक के सामने जाते हैं तो वे कहते हैं कि उनकी समस्या बड़ी है इसलिए जिलाधिकारी ही इसका हल निकाल सकते हैं । छात्रों ने बताया कि इसलिये वे चाहते हैं कि जिलाधिकारी मौके पर आकर उनकी समस्या सुनें और इसका निराकरण करें ।
सैकड़ों छात्रों के धरने पर बैठने की खबर जैसे ही प्रशासन को लगी, एसडीएम निखिल यादव मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने में लग गए लेकिन छात्र जिलाधिकारी के बुलाने पर अड़े रहे। जिसके बाद एसडीएम वहां से सीधे एटीएस विद्यालय पहुंचे और शिक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं को क्यों नहीं सुना गया और कोई भी शिक्षक छात्रों के साथ क्यों नहीं गए। एसडीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आपलोग एक घंटे के अंदर छात्रों को कॉलेज परिसर में बुलाएं। एसडीएम के तेवर देख सकते में शिक्षकों ने किसी तरह छात्रों को समझा -बुझाकर कॉलेज ले गए। इसके बाद फिर एसडीएम कॉलेज गए और व्यवस्थाओं निरीक्षण किया,जहां निरीक्षण में भारी कमियां देख भड़क गए और वहां उपस्थित अध्यापकों को जमकर फटकार लगाई । निरीक्षण के दौरान पानी का नल टूटा मिला । इसके अलावा विद्यालय परिसर में सीसे व कांच, सोलर पैनल टूट-फूटे एवं क्षतिग्रस्त मिला । बच्चो के खेलने के स्थान पर गंदगी पटा हुआ था । वहीं बिजली के तार एवं रख रखाव ठीक नहीं था । हॉस्टल में रेलिंग व सीढ़ी भी क्षतिग्रस्त था । लगभग ढाई घण्टे धरने जे बाद आखिरकार शिक्षकों और एसडीएम के समझाने पर छात्रों ने आंदोलन को इस आश्वासन पर स्थगित किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी समस्या हल नहीं होती है तो इस बार एटीएस के अध्यापक भी छात्रों के साथ आंदोलन में शरीक होंगे।उपजिलाधिकारी निखिल यादव ने बताया कि जाँच के दौरान विद्यालय में कमियाँ पायी गईं हैं।उन्होंने बताया कि छात्रों की समस्याओं के संबंध में निदेशालय में वार्ता की गई है तथा 10 दिनों में सामग्री आ जाएगी एवं अन्य समस्याओं के शीघ्र समाधान का भी प्रयास किया जायेगा । " बहरहाल प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन देकर उनके आंदोलन को तो खत्म करा दिया । लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जहां एक तरफ सरकार बड़े-बड़े दावे करती है और जब यह हाल मंत्री के जिले का है तो प्रदेश के बाकी जनपदों में क्या हाल होंगे आसानी से समझा जा सकता है।"