Sonbhadra News : ओबरा थाने में चल रहे एक माह के स्पेशल पुलिस एक्सपेरिमेंट लर्निंग प्रोग्राम का हुआ समापन
ओबरा थाने में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों के स्वयंसेवियो को 3 फरवरी से दिये जा रहे एक माह के स्पेशल पुलिस एक्सपेरिमेंट लर्निंग प्रोग्राम का समापन हुआ.

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5:43 PM, March 2, 2026
घनश्याम पांडेय (संवाददाता)
ओबरा (सोनभद्र) . सोमवार को ओबरा थाने में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा, सोनभद्र की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों के स्वयंसेवियो को 3 फरवरी से दिये जा रहे एक माह के स्पेशल पुलिस एक्सपेरिमेंट लर्निंग प्रोग्राम (SPELP 3.0) के समापन के अवसर पर एनएसएस के स्वयंसेवियो प्रियंका, सुधा, साधना, चांद, ईशाक, अंकिता, प्रिंस, नीरज, सिमपी विश्वकर्मा, आकांक्षा, मनीषा, प्रिया, काजल, खुशबु इत्यादि ने एक माह के इस विशेष प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को पोस्टर, स्लोगन व अपने विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया । स्वयंसेवी प्रशिक्षुओं ने अपने इस एक माह के प्रशिक्षण के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि हम सभी लोग प्रशिक्षण के एक माह में सुबह 10:00 बजे से लेकर 3:00 बजे तक थाने में रूककर जनता की समस्याओं को सुनते और समझते थे और पुलिस विभाग की कार्यशैली, तथा पुलिस विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी किस तरह से अपने सुख ,चैन का त्याग कर 24 घंटे लोगों की सेवा में लगकर, उनकी समस्याओं का समाधान करते है, इन सभी चीजों को नजदीक से हम लोगों ने देखा। उपनिरीक्षक जूनैद खान, थानाध्यक्ष सदानंद राय, कंप्युटर ऑपरेटर सुमित यादव, प्रदीप, हेड कांस्टेबल राहुल कुमार यादव, इत्यादि ने हमलोगों को पुलिस के जीवन के बारे में , पुलिस क्या-क्या काम करती है , पुलिस लोगों पर गुस्सा क्यों होती है, पुलिस को लोग गलत क्यों समझते हैं , पुलिस का जीवन कितना कष्टदायक होता है , थाने का परिचय , बी.एन.एस, बी.एन.एस.एस., पुलिस विभाग का परिचय, थाने का परिचय,
थाने का कार्य और अभिलेकीकरण जैसे एफ. आई .आर लिखना , जनरल डायरी, अपराध रजिस्टर , विविध प्रकार के अपराधियों संबंधी अभिलेखीकरण, महिलाओं और बच्चों से संबंधित विविधअपराधों का विधिक ज्ञान, मादक पदार्थ और मानव तस्करी इत्यादि विशेष अपराधो से संबंधित अधिनियम , महिलाओं के लिए थाने में महिला हेल्प डेस्क एवं उसकी सहायता से महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के संबंध में जानकारी प्रदान की । यहां के कांस्टेबल हो या एस आई सभी लोगों का व्यवहार हम लोगों के प्रति बहुत अच्छा एवं सहयोगात्मक रहता था। सभी लोग हमें प्रोत्साहित एवं कुछ न कुछ नई चीजों को सिखाते रहते थे। इस अवसर पर थानाध्यक्ष सदानंद राय, कंप्युटर ऑपरेटर सुमित यादव, प्रदीप के साथ-साथ ओबरा थाने का स्टाफ एनएसएस के स्वयंसेवी प्रियंका, सुधा, साधना, चांद, ईशाक, अंकिता, प्रिंस, नीरज, सिमपी विश्वकर्मा, आकांक्षा, मनीषा, प्रिया, काजल, खुशबु इत्यादि संख्या में एनएसएस के स्वयंसेवी उपस्थित रहे l



