Sonbhadra News : ट्रांसफार्मर मरम्मत की सुस्ती पर सदर विधायक ने अफसरों को दिया 'करंट', बोले- चार दिन में नहीं सुधरी व्यवस्था तो होगी कार्यवाही
ऊर्जा राजधानी के नाम से मशहूर सोनभद्र में बेतरतीब पावर कट और बदहाल बिजली व्यवस्था से जनता लंबे समय से त्रस्त है। जन्माष्टमी जैसे पर्व पर भी बिजली संकट की शिकायतों के बाद शनिवार की देर शाम सदर विधायक..

ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप का निरीक्षण करते सदर विधायक भूपेश चौबे.....
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9:48 AM, September 6, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । ऊर्जा राजधानी के नाम से मशहूर सोनभद्र में बेतरतीब पावर कट और बदहाल बिजली व्यवस्था से जनता लंबे समय से त्रस्त है। जन्माष्टमी जैसे पर्व पर भी बिजली संकट की शिकायतों के बाद शनिवार की देर शाम सदर विधायक भूपेश चौबे ने भाजपा नेताओं माला चौबे और अनूप तिवारी के साथ छपका स्थिति ट्रांसफार्मर रिपेयर वर्कशॉप का निरीक्षण किया तो वहां ट्रांसफार्मर मरम्मत की कछुआ चाल और वर्कशॉप में पड़े खराब ट्रांसफार्मरों का ढेर देखकर सदर विधायक भूपेश चौबे का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने अधिकारियों को न केवल जमकर फटकार लगाई, बल्कि ठेकेदारों की कार्यप्रणाली और कथित मिलीभगत पर भी तीखे सवाल खड़े करते हुए साफ कर दिया कि जनता को अंधेरे में रखकर व्यवस्था नहीं चलने दी जाएगी। वहीं नाराज विधायक ने सख्त लहजे में कहा कि आज इनकी दवाई करूंगा।
वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर्स का ढेर, गांवों में फैला अंधेरा -
बारिश के दौरान कोन, नगवां और रॉबर्ट्सगंज के आस-पास के कई ग्रामीण क्षेत्रों समेत जिले के कई इलाकों में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर जल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि खराब ट्रांसफार्मरों को समय से मरम्मत कर वापस नहीं भेजे जाने के कारण बिजली संकट लंबा खिंचता जा रहा है। हालात यह हैं कि एक तरफ वर्कशॉप में खराब ट्रांसफार्मरों का ढेर लगा है तो दूसरी तरफ ग्रामीण बिजली के इंतजार में रात काटने को मजबूर हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर जब विभाग को पता था कि बारिश में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं, तो उनकी मरम्मत के लिए पहले से पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? अगर संसाधन उपलब्ध थे तो करीब 150 ट्रांसफार्मर वर्कशॉप में क्यों पड़े हैं? और यदि मैनपावर या पावर क्षमता की कमी थी तो उसे समय रहते दूर क्यों नहीं किया गया?
विधायक ने कहा कि सरकार की ओर से संसाधन और व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है, इसके बावजूद पेंडेंसी खत्म नहीं होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता अंधेरे में रहेगी तो इसका दर्द उन्हें भी होगा और अब बिजली विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता अंधेरे में रही तो तय होगी जिम्मेदारी - सदर विधायक
सदर विधायक भूपेश चौबे ने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पेंडेंसी तत्काल खत्म होनी चाहिए। उन्होंने जेई और एसडीओ को कहा कि अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाकर मरम्मत का काम युद्धस्तर पर कराया जाए और खराब ट्रांसफार्मरों को जल्द से जल्द संबंधित क्षेत्रों में पहुंचाया जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो मुख्यमंत्री से बात कर बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदारों की जवाबदेही तय कराई जाएगी। विधायक ने कहा कि जनता की परेशानी उनकी परेशानी है और लोगों को अंधेरे में रखने वाली लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
एई ने मानी विभागीय कमी साथ ही बोले- लापरवाह ठेकेदार के विरुद्ध होगी कार्यवाही -
विधायक के ठेकेदारों से मिलीभगत के आरोप पर सहायक अभियंता सुधीर मल ने सफाई दी कि मिलीभगत का कोई मामला नहीं है। उनका कहना है कि सोनभद्र क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था पहले से चुनौतीपूर्ण है और पावर की कमी के कारण ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग का काम प्रभावित हुआ। हालांकि उन्होंने विभाग की कमी स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि मैनपावर बढ़ाकर अगले तीन से चार दिनों में मरम्मत का काम पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
"फिलहाल सदर विधायक की सख्ती के बाद बिजली विभाग ने तीन से चार दिनों में पेंडेंसी खत्म करने का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि यह भरोसा धरातल पर उतरता है या फिर ट्रांसफार्मर वर्कशॉप में पड़े-पड़े ही ग्रामीणों के 'उजाले' का इंतजार करते रहेंगे।'




