विशेषज्ञों ने तीसरे विकल्प नीलकंठ रेस्टोरेंट से कचहरी ड्रेन रूट को सबसे उपयुक्त माना। इस मार्ग पर प्राकृतिक ढाल होने के कारण वर्षा का पानी बिना किसी पंपिंग व्यवस्था के आसानी से कचहरी ड्रेन होते हुए सजौर पोखरा के पास मुख्य सिंचाई नाले में पहुंचेगा, जिससे नगर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव की समस्या समाप्त होने की उम्मीद है। परियोजना के अंतर्गत 4,461 मीटर लंबी आरसीसी नालियों, कल्वर्ट, रेलवे एवं नहर क्रॉसिंग, साइफन, विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग तथा पेयजल पाइपलाइन के स्थानांतरण जैसे सभी आवश्यक आधारभूत कार्य कराए जाएंगे। निर्माण कार्य की मूल लागत लगभग 17.95 करोड़ रुपये है, जबकि डिजाइन, जीएसटी, श्रम उपकर एवं अन्य प्रभार जोड़ने के बाद कुल लागत 23.62 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।