Sonbhadra News : अब 'स्पेशल ट्रीटमेंट कार्ड' से होगी मलेरिया के मरीजों की निगरानी
देश को साल 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। अब मलेरिया की पुष्टि होने पर मरीज को 'स्पेशल ट्रीटमेंट कार्ड' जारी किया जाएगा। इस कार्......

मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड को लांच करते आयुक्त राजेश प्रकाश, डीएम बद्रीनाथ सिंह, सीडीओ जागृति अवस्थी व सीएमओ डॉ0 पंकज कुमार रॉय.....
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5:31 PM, March 19, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । देश को साल 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। अब मलेरिया की पुष्टि होने पर मरीज को 'स्पेशल ट्रीटमेंट कार्ड' जारी किया जाएगा। इस कार्ड के जरिए 14 दिन तक न केवल मरीज के उपचार की निगरानी होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आशा कार्यकर्ता नियमित रूप से मरीज के घर जाकर उसे दवा खिला रही हैं या नहीं।
कमिश्नर, डीएम ने किया मलेरिया ट्रीटमेन्ट कार्ड लॉच -
सरकार ने इस बार मरीजों ने बेहतर इलाज और निगरानी के लिए यह पहल की है। इसी क्रम में आज कलेक्ट्रेट सभागार में मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, प्रचार्य राज्य स्वायत्तशासी चिकित्सा महाविद्यालय आनन्द प्रकाश एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार राय ने संयुक्त रूप से मलेरिया ट्रीटमेन्ट कार्ड को लॉच किया।
मलेरिया प्रभावित जनपद सोनभद्र के लिए अत्यंत प्रभावी होगा मलेरिया ट्रिटमेंट कार्ड -
वहीं जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि "मलेरिया प्रभावित जनपद सोनभद्र के लिए मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड अत्यन्त उपयोगी साबित होगा। मलेरिया हेल्थ कार्ड में मरीज का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आशा कार्यकर्ता का नाम व संपर्क, मलेरिया का प्रकार और इलाज में दी जाने वाली दवाओं का विवरण दर्ज रहेगा। मरीज दवा लेने के बाद तारीख के सामने निशान लगाकर इलाज की स्थिति स्पष्ट रख सकेगा। हेल्थ कार्ड टीकाकरण कार्ड की तरह तैयार किया जाएगा। आशा कार्यकर्ता मरीज के घर तीन बार अनिवार्य रूप से जाएगी, दवा सेवन की जानकारी देगी और प्रत्येक विजिट के बाद कार्ड पर हस्ताक्षर करेगी। मलेरिया पीड़ित एक मरीज को 14 दिन तक नियमित दवा खिलाने पर आशा कार्यकर्ता को 200 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है। इससे अधूरा इलाज करने की समस्या कम होगी और मलेरिया नियंत्रण में मदद मिलेगी।"
सीएमओ-डीएमओ के साथ लखनऊ से होगी निगरानी -
इस नई व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाया गया है। सीएमओ और मलेरिया अधिकारी के अलावा केंद्र व लखनऊ के उच्च अधिकारी कभी भी जिले में आकर औचक निरीक्षण कर सकेंगे। वे सीधे मरीज के घर पहुंचकर 'मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड' की जांच करेंगे। यदि कार्ड पर प्रविष्टि अधूरी मिली या आशा की विजिट दर्ज नहीं हुई, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




