Sonbhadra News : अब सड़क हादसे के बाद 'गोल्डन आवर' बचाएगा अनमोल जिंदगी, पीएम-राहत योजना पर अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से आज मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन.......

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6:33 PM, July 21, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से आज मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्वास्थ्य, परिवहन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को गोल्डन आवर के दौरान घायलों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 प्रेमनाथ ने कहा कि "सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी 'गोल्डन आवर' किसी भी घायल की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में यदि पीड़ित को त्वरित और बेहतर उपचार मिल जाए तो मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री राहत योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों तथा शहरी क्षेत्रों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को बिना किसी आर्थिक बाधा के तत्काल कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।"
क्षेत्राधिकारी परिवहन राज सोनकर ने योजना की तकनीकी एवं संचालन संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि "सड़क दुर्घटनाओं में समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य, पुलिस और परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी से योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचाया जाएगा।"
कार्यशाला में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुमन कुमार, प्रभारी निरीक्षक यातायात नरेंद्र कुमार सिंह, विभिन्न थानों के उपनिरीक्षक, एनआईसी के डीआरएम मोहम्मद सैफ, आशीष कुमार, चिन्हित निजी चिकित्सालयों के कम्प्यूटर ऑपरेटर तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस दौरान निजी अस्पतालों के कम्प्यूटर ऑपरेटरों को टीएमएस (TMS) पोर्टल एवं ई-डार (e-DAR) पोर्टल के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया साथ ही 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से एम्बुलेंस एवं त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया, ताकि दुर्घटना की स्थिति में बिना विलंब के घायलों को उपचार मिल सके।
कार्यशाला के अंत में अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया तथा उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।




