Sonbhadra News : अब नहीं चलेगी बहानेबाजी, जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर रुकेगा वेतन, डीएम ने जारी की नई व्यवस्था
जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ने जिम्मेदारों की अब जवाबदेही की नई व्यवस्था लागू कर दी है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि आम जनता की शिकायतों को अब किसी भी स्तर पर लंबित रखने या..........

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sonbhadra
5:31 PM, July 20, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• सभी अधिकारियों को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर करनी होगी जनसुनवाई
• डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वयं करेंगे मॉनिटरिंग
• जनसुनवाई के दौरान अनुपस्थित पाये जाने पर संबंधित अधिकारी का वेतन होगा अवरुद्ध
सोनभद्र । जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ने जिम्मेदारों की अब जवाबदेही की नई व्यवस्था लागू कर दी है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि आम जनता की शिकायतों को अब किसी भी स्तर पर लंबित रखने या खानापूर्ति कर निस्तारित करने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनशिकायतों की सुनवाई और निस्तारण का विशेष समय निर्धारित करते हुए स्वयं प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से ऑनलाइन समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिला स्तरीय कार्यालयों, तहसीलों, विकास खंडों, नगर पालिका, नगर पंचायतों तथा अन्य विभागीय कार्यालयों में निर्धारित समय के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर जिलाधिकारी स्वयं नजर रखेंगे और अधिकारियों की उपस्थिति से लेकर शिकायतों के समाधान तक की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेंगे।
डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित समय पर अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनें तथा उनका पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
बैठक में जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कोई अधिकारी अनुपस्थित पाया गया या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब सामने आया, तो संबंधित अधिकारी का वेतन अवरुद्ध किया जाएगा। इसके साथ ही उसके विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक एवं विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक शिकायत का समाधान गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो और शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।




