Sonbhadra News : अब सोनभद्र में होगी कैंसर रोग की स्क्रीनिंग, मणि मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने शुरू की सुविधा
आज मणि मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कैंसर के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और शुरुआती पहचान के उद्देश्य से एक निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में वाराणसी से आए......

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8:30 PM, January 25, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• कैंसर जागरूकता शिविर में 154 मरीज का हुआ स्क्रीनिंग
सोनभद्र । आज मणि मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कैंसर के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और शुरुआती पहचान के उद्देश्य से एक निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में वाराणसी से आए कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ0 संदीप तिवारी की टीम ने 154 मरीजों की जांच की, जिसमें कैंसर के लक्षण, प्रकार और उपचार के बारे में जानकारी दी गई। शिविर में कैंसर से बचाव, सही समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़े।
आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र इन दिनों कैंसर हब बनता जा रह है और इसके इलाज के लिए न तो किसी सरकारी हॉस्पिटल में न ही किसी निजी हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर मौजूद है। जिले में किसी व्यक्ति कैंसर होने पर वाराणसी या मुंबई या फिर किसी बड़े शहर का रुख करना पड़ता है, ऐसे में मणि मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधक डॉ0 अशोक यादव ने एक अच्छी पहल करते हुए महीने में दो दिन कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ0 संदीप तिवारी को अपनी ओपीडी सेवाएं देने के लिए राजी किया है।
मणि हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ0 अशोक कुमार यादव ने बात कि "उनके हॉस्पिटल में प्रति सप्ताह कैंसर के तीन-चार संभावित मरीज जरूर आते हैं और उनको इलाज के लिए दूसरे बड़े शहर भेजना पड़ता था, जिसमें उनका इलाज के साथ ट्रेवलिंग में भी बहुत पैसा लग जाता है। इन्हीं सब समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ0 संदीप तिवारी से बात की और उन्हें सोनभद्र में अपनी सेवाएं देने के लिए राजी किया। अब डॉ0 संदीप तिवारी महीने में दो दिन मणि मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अपनी ओपीडी सेवाएं देंगे।"
वहीं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ0 संदीप तिवारी ने जनपद न्यूज Live से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि "आज निःशुल्क कैंसर स्वास्थ्य शिविर को आयोजित करने का प्राथमिक उद्देश्य कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना और समय रहते इसका पता लगाना है, ताकि हर कैंसर रोगी, चाहे वह किसी क्षेत्र (शहरी या ग्रामीण) में रहता हो, किसी भी प्रकार के कैंसर का पता चलने पर समय पर उपचार के लिए आने के लिए बहुत सावधान रहे, ताकि कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सके। ये शिविर शिक्षा और प्रारंभिक पहचान के लिए मंच के रूप में काम करेगा, जहाँ आज हमने 154 मरीजों का गहन जांच किया और कैंसर की रोकथाम पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया। हमारा ध्यान कैंसर के रहस्य से दूर करने, निवारक स्वास्थ्य प्रथाओं को बढ़ावा देने और प्रारंभिक पहचान रणनीतियों को सुविधाजनक बनाने पर है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर से मृत्यु उनके सबसे बड़े कैंसर जोखिमों में शामिल है जबकि सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु उनके दूसरे सबसे बड़े कैंसर जोखिमों में शामिल है। स्तन कैंसर का शुरुआती दौर में ही पता लगाने के लिये नियमित रूप से स्वयं जांच और मैमोग्राम कराने से स्तन कैंसर का शुरुआती दौर में ही पता चलने में मदद मिलती है, जब इसका इलाज करना आसान होता है। महिलाओं को स्तन परीक्षण की स्व-तकनीक सीखने में मदद करना ताकि वह हर 15 दिन पर खुद जांच करती रहें और यदि कोई गांठ या सीने में दर्द होता है तो तुरंत एक कैंसर चिकित्सक से मिले ताकि उसका सफल इलाज हो सके।"



