मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 पी0के0 राय ने बताया कि "हार्ट अटैक की स्थिति में हृदय की रक्त वाहिकाओं में रक्त का थक्का जम जाता है, जिससे रक्त प्रवाह रुक जाता है और मरीज की जान पर खतरा बढ़ जाता है। समय पर "टेनेक्टेप्लाज" या "स्ट्रेप्टोकाइनेज" इंजेक्शन दिए जाने से यह थक्का घुल जाता है और मरीज की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी चोपन, म्योरपुर, घोरावल व संयुक्त हॉस्पिटल अनपरा के डॉक्टर्स और टेक्निकल स्टॉप को ट्रेनिंग दी जा चुकी हैं, वहीं एसीएमओ डॉ0गिरधारी लाल को नोडल अधिकारी बनाया गया हैं। ऐसे में अब यहां ह्दयघात के मरीज पहुंचते हैं तो सबसे पहले ईसीजी किया जायेगा। इसीजी की रिपोर्ट में अगर गैस या अन्य बीमारियों का मरीज निकलता है तो वैसा उपचार दिया जायेगा। अगर ह्दयघात का मरीज है तो उसके लक्षण और ईसीजी रिपोर्ट वाराणसी हब पर वाट्सएप की जायेगी। अगले पांच मिनट में हब के विशेषज्ञ उपचार परामर्श ग्रुप पर ही शेयर करेंगे। जिसमें अगल स्टैमनी की समस्या है तो मरीज को टनस्काप्लेस इंजेक्शन दिया जायेगा। यह इंजेक्शन की कीमत करीब 45 से 50 हजार रुपये है।"