उन्होंने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें नोटिस जारी किये जाने, सुनवाई एवं सत्यापन की कार्यवाही सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा की जायेगी। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त सहायक एवं अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपनी-अपनी विधानसभा के अन्तर्गत आवंटित मतदान स्थलों पर नो मैपिंग मतदाताओं का ऑकलन कर लें। किस दिन, किन-किन भाग संख्याओं के कितने मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी, उसकी कार्ययोजना तैयार कर लें। सुनवाई के लिए निर्धारित केन्द्रों पर जाकर सम्बन्धित अधिकारी से समन्वय स्थापित कर कम्प्यूटर, प्रिंटर एवं इंटरनेट आदि की व्यवस्था दो दिवस के अन्दर पूर्ण कराकर अवगत कराऐंगें।