Sonbhadra News : ‘कलावे में नो इंट्री…’ एग्जाम सेंटर के बाहर विद्यालय प्रशासन ने रोका, अभिभावकों और एबीवीपी ने जताई आपत्ति
इन दिनों सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के दौरान चुर्क स्थित स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर छात्राओं से कलावा, ताबीज और गले की माला उतरवाने का मामला.....

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7:17 PM, February 28, 2026
आनन्द कुमार चौबे/प्रकाश खत्री (संवाददाता)
सोनभद्र । इन दिनों सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के दौरान चुर्क स्थित स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर छात्राओं से कलावा, ताबीज और गले की माला उतरवाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर अभिभावकों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा देने पहुंची कई छात्राओं के हाथ से कलावा काट दिया गया और उनके गले की माला व लॉकेट भी उतरवा लिए गए। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र पर ऐसी कोई स्पष्ट गाइडलाइन प्रदर्शित नहीं की गई थी, न ही सीबीएसई के एडमिट कार्ड पर इस संबंध में कोई निर्देश था। उन्होंने यह भी बताया कि छात्राओं की जांच के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। छात्राओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं की गई है और खुले में चेकिंग की जा रही है, जिससे वे असहज महसूस कर रही हैं।
अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा के दौरान इस तरह की कार्रवाई से बच्चों पर मानसिक दबाव बनता है, जिससे उनकी परीक्षा प्रभावित हो सकती है।
वहीं एक अभिभावक बाबूलाल ने कहा कि "ताबीज और रक्षा धागा पहनने से बच्चों को मानसिक संबल मिलता है। इसे उतरवाने से बच्चियां परेशान हो गईं। जब परीक्षा सीसीटीवी निगरानी में हो रही है, तो धागे या ताबीज से नकल की संभावना कैसे हो सकती है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन छात्राओं के अभिभावक मौके पर मौजूद नहीं थे, उनके भी ताबीज उतरवा लिए गए।"
एबीवीपी के प्रांत खेलो भारत सह संयोजक मृगांग दुबे ने बताया कि "जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों ने संगठन को इस घटना की सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि सीबीएसई की गाइडलाइन में कलावा या साधारण माला पहनने पर कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र पर छात्राओं और छात्रों की जांच अगल-बगल की जा रही थी, जिससे छात्राएं असहज महसूस कर रही थीं। एबीवीपी ने मांग की है कि छात्राओं की जांच अलग कक्ष में होनी चाहिए।"
एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि इस मामले को जिला विद्यालय निरीक्षक के संज्ञान में लाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों से बातचीत हुई है और कार्यवाही का आश्वासन मिला है। संगठन ने चेतावनी दिया कि यदि उचित कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।



