Sonbhadra News : न बैकअप, न मदद…..लिफ्ट में फंसे मरीज और तीमारदारों की अटकी सांसे, पढ़ें क्या है पूरा माजरा
जिले के मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था का आलम इस कदर है कि यहां इलाज के लिए आए मरीजों की जान ही खतरे में पड़ती नजर आ रही है। सोमवार शाम एल-2 बिल्डिंग में अचानक बिजली गुल होने से लिफ्ट बीच मंजिल में.......

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8:29 PM, May 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले के मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था का आलम इस कदर है कि यहां इलाज के लिए आए मरीजों की जान ही खतरे में पड़ती नजर आ रही है। सोमवार शाम एल-2 बिल्डिंग में अचानक बिजली गुल होने से लिफ्ट बीच मंजिल में अटक गई, जिसमें मरीज और उनके तीमारदार करीब डेढ़ घंटे तक फंसे रहे। घटना ने अस्पताल प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।
सूत्रों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे 5 से 6 मरीज और तीमारदार तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर की ओर लिफ्ट से आ रहे थे। इसी दौरान लिफ्ट दूसरी मंजिल पर आकर रुक गई। अचानक लिफ्ट बंद होने से अंदर मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई और कुछ ही देर में चीख-पुकार मचने लगी। बताया जा रहा है कि लिफ्ट में लगे इमरजेंसी नंबर पर कॉल करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। अंदर फंसे एक व्यक्ति ने किसी तरह अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड से मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि गार्ड ने तत्काल कोई सहायता नहीं की। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट को खोला जा सका और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान लिफ्ट में फंसे एक तीमारदार ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली और उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।
मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 आनंद कुमार ने बताया कि अचानक विद्युत आपूर्ति बंद होने के कारण लिफ्ट रुक गई थी। सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
बहरहाल घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही कहीं बड़ी दुर्घटना का कारण न बन जाए, इसे लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
बहरहाल मेडिकल कॉलेज में बिजली की बदहाल व्यवस्था अब सामान्य समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह सीधे तौर पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ बनती जा रही है। आए दिन बिजली गुल होने से मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन आज शाम की घटना ने इस लापरवाही की भयावह तस्वीर उजागर कर दी। लिफ्ट में मरीजों का फंस जाना सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का संकेत है। जहां न बैकअप व्यवस्था दुरुस्त है, न इमरजेंसी रिस्पॉन्स, और न ही जिम्मेदारों की जवाबदेही तय है। अगर समय रहते राहत नहीं मिलती, तो यह घटना किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होती। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर कब तक मरीज इस बदइंतजामी की कीमत चुकाते रहेंगे और कब प्रशासन नींद से जागकर ठोस सुधारात्मक कदम उठाएगा।




