Sonbhadra News : AMS के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में NHM कर्मी, 15 जून को डिप्टी सीएम कार्यालय घेराव का किया ऐलान
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी AMS (अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम) को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ.....

AI जनरेटेड बैनर......
sonbhadra
6:18 PM, June 3, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी AMS (अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम) को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (पंजीकृत) ने उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि यदि 12 जून तक AMS लागू करने संबंधी आदेश वापस नहीं लिया गया तो 15 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदाकर्मी लखनऊ पहुंचकर उपमुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे।
संघ का कहना है कि विभाग में पहले से ही संविदा कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर और बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। इसके बावजूद केवल संविदा कर्मचारियों पर AMS प्रणाली लागू करना अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण है। संगठन ने सवाल उठाया है कि जब स्थायी और संविदा कर्मचारी एक ही कार्यालय में कार्यरत हैं तो अलग-अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं।
NHM संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने कहा कि "प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सोनभद्र से भी बड़ी संख्या में संविदाकर्मी लखनऊ पहुंचकर आंदोलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि एक ओर संविदा कर्मचारियों से स्थायी कर्मचारियों से भी अधिक काम लिया जाता है, वहीं दूसरी ओर उन्हें लगातार उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। मार्च माह से अब तक वेतन भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय नए-नए नियम थोपने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में वेतन भुगतान और अन्य मांगों को लेकर प्रदेशभर के संविदा कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया था तथा एक दिवसीय कार्य बहिष्कार भी किया था, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ऐसे में कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।"
जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि "AMS लागू करने का निर्णय संविदा कर्मचारियों को संदेह की नजर से देखने जैसा है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, कोरोना काल से लेकर वर्तमान तक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें ही कामचोर समझने का प्रयास किया जा रहा है। यह फैसला संविदा कर्मचारियों के आत्मसम्मान पर चोट पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि यदि AMS व्यवस्था लागू करनी ही है तो विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू की जाए। केवल संविदा कर्मचारियों को इसके दायरे में लाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।"
संगठन ने चेतावनी दी है कि 12 जून तक आदेश वापस नहीं होने की स्थिति में 15 जून को लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




