Sonbhadra News : डिजिटल इंडिया की नई तस्वीर! एक मोबाइल, 33 सवाल और पूरा परिवार ऑनलाइन, ऑनलाइन जनगणना 2027 का हुआ भव्य आगाज
जनगणना अब दरवाजे पर दस्तक देने से पहले सीधे आपकी मोबाइल स्क्रीन पर आ गई है। जनपद सोनभद्र सहित पूरे प्रदेश में आज से जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई। इस बार सरकार ने प्रक्रिया को पूरी तरह.....

डिजिटल जनगणना 2027 के शुभारंभ की कुछ झलकियाँ........
sonbhadra
3:24 PM, May 7, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनगणना अब दरवाजे पर दस्तक देने से पहले सीधे आपकी मोबाइल स्क्रीन पर आ गई है। जनपद सोनभद्र सहित पूरे प्रदेश में आज से जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई। इस बार सरकार ने प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाते हुए नागरिकों को खुद अपने परिवार का डेटा ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी है। यानी अब गणनाकर्मी के आने से पहले ही लोग घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप के जरिए 33 सवालों के जवाब देकर अपनी स्व-गणना कर सकेंगे।
सीडीओ ने किया अभियान का शुभारंभ -
जनपद में इस अभियान का शुभारंभ डीपीआरसी परिसर में भव्य कार्यक्रम के साथ हुआ, जहां मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने मोबाइल फोन से स्वयं स्व-गणना कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की मजबूत नींव है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली और आवास जैसी योजनाओं की रूपरेखा इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तय होती है। इस दौरान सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सपरिवार ऑनलाइन डेटा फीड करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीडीओ जागृति अवस्थी ने बताया कि "7 मई से 21 मई तक नागरिक जनगणना पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर सेल्फ एन्यूमरेशन कर सकेंगे। परिवार का मुखिया मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन कर परिवार से जुड़े 33 सवालों का जवाब स्वयं भर सकेगा। घर का प्रकार, पानी-बिजली की स्थिति, मोबाइल-इंटरनेट सुविधा, परिवार के सदस्यों की संख्या और अन्य आवश्यक जानकारियां सीधे पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद एक यूनिक आईडी जनरेट होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। बाद में सत्यापन के दौरान यही आईडी गणनाकर्मी को दिखानी होगी, जिससे दोबारा पूछताछ और समय की बर्बादी नहीं होगी।"
सोनभद्र में डिजिटल जनगणना बन सकती है बड़ी चुनौती -
हालांकि डिजिटल जनगणना की यह नई व्यवस्था जितनी आधुनिक दिखाई दे रही है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि आदिवासी बाहुल्य, पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों वाले सोनभद्र में इंटरनेट की धीमी गति, स्मार्टफोन की सीमित उपलब्धता और डिजिटल जानकारी की कमी बड़ी बाधा बन सकती है। ग्रामीण इलाकों के कई परिवारों के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना आसान नहीं होगा। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पंचायत भवनों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को हेल्प प्वाइंट बनाया है, जहां लोग जाकर अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे।
जनप्रतिनिधियों ने भी किया स्व-गणना -
अभियान की शुरुआत के दौरान समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड, घोरावल विधायक डॉ. अनिल मौर्य और नगर पालिका चेयरमैन रूबी प्रसाद ने भी स्वयं स्व-गणना कर आमजन को प्रेरित किया।
22 मई से शुरू होगा घर-घर सत्यापन -
स्व-गणना का पहला चरण पूरा होने के बाद 22 मई से 20 जून तक मकानों की गणना और डेटा सत्यापन का कार्य शुरू होगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर ऑनलाइन भरी गई जानकारियों का मिलान करेंगे।
अभियान में लापरवाही नहीं होगी क्षम्य - सीडीओ
वहीं सीडीओ जागृति अवस्थी ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि "जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें लापरवाही या ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"
ये रहे मौजूद -
अभियान के शुभारंभ के मौके पर डीडीओ हेमन्त कुमार सिंह, डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह, डीपीआरओ नमिता शरण, डीआईओएस जयराम सिंह, डीपीओ विनीत कुमार सिंह, बीएसए मुकुल आनन्द पाण्डेय, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विद्या देवी, सहायक जिला सूचना अधिकारी विनय सिंह, एसीएमओ डॉ0 सुमन जायसवाल समेत अन्य अधिकारिगण मौजूद रहे।




