Sonbhadra News : आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट पर बनेगा नया ड्रेनेज सिस्टम, बेलन नदी तक बनेगा नाला
हर वर्ष बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझने वाले शहरवासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। जनपद प्रशासन ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने.......

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sonbhadra
6:11 PM, June 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• डीएम चर्चित गौड़ ने की उच्चस्तरीय समीक्षा, सभी विभागों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
सोनभद्र । हर वर्ष बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझने वाले शहरवासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। जनपद प्रशासन ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सीएनडीएस, नगर पालिका परिषद, जल निगम तथा आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में इमरती कॉलोनी, बढ़ौली चौराहा, कचहरी मार्ग और महिला थाना क्षेत्र में वर्षों से बनी जलभराव की समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के दौरान नागरिकों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए इस समस्या का स्थायी और वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया था, जहां स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए थे। इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया और आईआईटी कानपुर की विशेषज्ञ टीम ने क्षेत्र का तकनीकी अध्ययन कर विभिन्न विकल्पों का परीक्षण किया।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर बैठक में यह निष्कर्ष सामने आया कि इमरती कॉलोनी से बढ़ौली चौराहा, कचहरी एवं महिला थाना मार्ग होते हुए बेलन नदी तक नाले का निर्माण जल निकासी के लिए सबसे प्रभावी और व्यवहारिक विकल्प होगा। इससे वर्षाजल का त्वरित निकास संभव हो सकेगा और लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्यों को बरसात शुरू होने से पहले प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। उन्होंने पुराने नगर पालिका क्षेत्र का व्यापक सर्वेक्षण कर वैज्ञानिक आधार पर नया ड्रेनेज प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी भी मोहल्ले या वार्ड में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि शहरवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहर को मिलेगी जलभराव से राहत -
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि आईआईटी कानपुर की तकनीकी सलाह और वैज्ञानिक ड्रेनेज योजना के लागू होने के बाद शहर के कई संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इससे न केवल लोगों को राहत मिलेगी बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।




