Sonbhadra News : जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने मैदान में उतरे नवागत सीएमओ
वर्षों से डॉक्टरों की कमी, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, अव्यवस्थित व्यवस्थाओं और जनशिकायतों से जूझ रहे सोनभद्र के स्वास्थ्य महकमे को पटरी पर लाने के लिए नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा..

sonbhadra
6:35 PM, June 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• स्वास्थ्य महकमे में अफसरों की कमी के बीच सुधार अभियान शुरू
• व्यवस्थाओं की हकीकत खंगाल रहे नवागत सीएमओ
सोनभद्र । वर्षों से डॉक्टरों की कमी, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, अव्यवस्थित व्यवस्थाओं और जनशिकायतों से जूझ रहे सोनभद्र के स्वास्थ्य महकमे को पटरी पर लाने के लिए नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने कमर कस ली है। पदभार ग्रहण करने के बाद से ही वह लगातार स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानने में जुटे हैं। इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवां, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चतरा तथा स्वास्थ्य केंद्र खलियारी का औचक निरीक्षण किया। वहीं सीएमओ के ताबड़तोड़ निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में दवा उपलब्धता, साफ-सफाई, टीकाकरण व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं तथा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया।
बदहाल व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू -
बताते चलें कि सोनभद्र का स्वास्थ्य विभाग लंबे समय से डॉक्टरों और अधिकारियों की कमी, संसाधनों के अभाव तथा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठते सवालों के कारण चर्चा में रहा है। ऐसे में नवागत सीएमओ द्वारा लगातार फील्ड में उतरकर निरीक्षण करना विभागीय कार्यप्रणाली को सुधारने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, प्रसव कक्ष, वार्ड और टीकाकरण सत्रों का जायजा लिया। उन्होंने टीकाकरण अभिलेखों की जांच कर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए तथा लाभार्थियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, दिए सख्त निर्देश -
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में दवा उपलब्धता बनाए रखने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य महकमे में बढ़ी सक्रियता -
नवागत सीएमओ के लगातार निरीक्षण और सक्रिय कार्यशैली से स्वास्थ्य विभाग में नई हलचल देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य कर्मियों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित मॉनिटरिंग जारी रही तो लंबे समय से चली आ रही कई व्यवस्थागत खामियों को दूर किया जा सकता है।




