Sonbhadra News : मंत्री ने फीता काटकर किया ₹307.53 करोड़ लागत की सड़कों का लोकार्पण
उद्यान कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, सदर विधायक भूपेश चौबे, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, रायबरेली भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धीलाल.....

sonbhadra
7:09 PM, August 31, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• एकीकृत बागवानी मिशन योजना में उत्कृष्ट खेती करने वाले कृषकों को मंत्री ने प्रशस्ति-पत्र देकर किया सम्मानित
• कृषक बन्धुओं की सुविधा हेतु मीरजापुर जनपद में सेन्टर ऑफ़ एक्सलेेंस फार ड्रैगन फ्रूट यूनिट की हो रही है स्थापना - मंत्री
सोनभद्र । उद्यान कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, सदर विधायक भूपेश चौबे, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, रायबरेली भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धीलाल पासी, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश चन्द्र ने दीप प्रज्जवलन कर गणेश जी के प्रतिमा माल्यार्पण कर पंचायत रिसोर्स सेन्टर विकास भवन में खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना/प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना/ड्राफ मोर क्राप योजना से सम्बन्धित कृषक गोष्ठी का शुभारंभ किया।
मिर्जापुर में स्ट्राबेरी और सोनभद्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं किसान -
इस अवसर पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उपस्थित कृषक बन्धुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि "देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कृषक बन्धुओं की आय दोगुना करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, इन योजनाओं के माध्यम से कृषक बन्धु औद्योगिक खेती करके अपनी आय दोगुना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मीरजापुर जनपद में सेन्टर ऑफ़ एक्सलेेंस फार ड्रैगन फ्रूट यूनिट की स्थापना की जा रही है। वहीं मीरजापुर में किसान बड़े पैमाने पर स्ट्राबेरी की खेती करके अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं, इसी प्रकार से जनपद सोनभद्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती करके आय में वृद्धि हो रही है। आद्योगिक खेती करने का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते है। उद्यान विभाग की सहायता से आप औद्योगिक खेती कर सकते हैं, औद्योगिक खेती करके कृषक एक एकड़ जमीन में 15 लाख रूपये तक आय अर्जित कर रहें हैं, लतावर्गीय फसल के लिए मचान उद्यान विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है और कोई भी खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाने पर किसानों को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी उद्यान विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाती है।"




