Sonbhadra News : गो संरक्षण और गोपालन मंत्रालय की मांग को लेकर डीएम को सौंपा प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन
। गो संरक्षण को लेकर देशभर में एक समान और प्रभावी कानून लागू करने की मांग को लेकर आज गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत जिला प्रभारी डॉ0 सूर्य प्रकाश चतुर्वेदी के नेतृत्व में अभियान से जुड़े संत समाज...….

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते गो सम्मान आह्वाहन अभियान के सदस्यगण.......
sonbhadra
7:22 PM, July 27, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । गो संरक्षण को लेकर देशभर में एक समान और प्रभावी कानून लागू करने की मांग को लेकर आज गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत जिला प्रभारी डॉ0 सूर्य प्रकाश चतुर्वेदी के नेतृत्व में अभियान से जुड़े संत समाज, गो सेवकों एवं नागरिकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर गोपालन मंत्रालय स्थापन की मांग की और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गोवंश संरक्षण को केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास से जुड़ा राष्ट्रीय विषय बताते हुए केंद्र सरकार से ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
जिला प्रभारी डॉ0 सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय देखे हैं। इसी विश्वास के साथ अब गोवंश संरक्षण के लिए भी सशक्त और एक समान केंद्रीय कानून बनाए जाने की अपेक्षा जताई गई है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि देश में गोवंश की लगातार बिगड़ती स्थिति, तस्करी, अवैध वध तथा निराश्रित गोवंश की समस्या गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। ज्ञापन में सरकार के समक्ष आठ प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें पूरे देश में एक समान केंद्रीय गो संरक्षण कानून, गोवंश को संवैधानिक संरक्षण, गो तस्करी और अवैध वध के मामलों में कठोर एवं गैर-जमानती दंड का प्रावधान, गो आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला एवं प्रत्येक जिले में आदर्श गोशाला की स्थापना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर घायल गोवंश के उपचार के लिए एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था, विद्यालयों में गो-विज्ञान को पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा गोचर भूमि एवं चारा संरक्षण के लिए विशेष नीति बनाने जैसी मांगें प्रमुख हैं।"
उन्होंने कहा कि "गो संरक्षण केवल धार्मिक भावना का विषय नहीं है, बल्कि यह किसानों की आजीविका, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास से भी सीधा जुड़ा हुआ है। यदि सरकार इस दिशा में प्रभावी नीति लागू करती है तो इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।"
इस दौरान बड़ी संख्या में अभियान से जुड़े संत समाज, गो सेवकों एवं नागरिकों मौजूद रहे।




