Sonbhadra News : बच्चों को 'करके सीखने' की राह दिखाने वाली मीरा सिंह राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित
विकास खंड चोपन के उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह की सहायक अध्यापिका मीरा सिंह का चयन प्रतिष्ठित राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय के बाद जारी.....

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sonbhadra
12:10 PM, September 1, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• मॉडल, चित्र, कला और प्रयोगों के जरिए बच्चों को पढ़ाने की नवाचारी शैली ने दिलाई पहचान
सोनभद्र । विकास खंड चोपन के उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह की सहायक अध्यापिका मीरा सिंह का चयन प्रतिष्ठित राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय के बाद जारी 61 शिक्षकों की सूची में जिले की मीरा सिंह का नाम शामिल किया गया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के साथ ही शिक्षक समाज के लिए गौरव का विषय बनी है।
मीरा सिंह ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सोनभद्र से बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2011 में प्राथमिक विद्यालय चोपन में नियुक्त होकर अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2015 में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय यादव बस्ती में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वर्ष 2025 में हुए समायोजन के बाद वर्तमान में वह उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह में सहायक अध्यापिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
नवाचारी शिक्षण शैली बनी पहचान -
मीरा सिंह की पहचान एक रचनात्मक एवं नवाचारी शिक्षिका के रूप में है। वह आर्ट एंड क्राफ्ट, रचनात्मक टीएलएम, मॉडल, चित्र एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय की अवधारणाओं को समझाने का प्रयास करती हैं। कठिन और जटिल विषयों को पारंपरिक तरीके से पढ़ाने के बजाय वह उन्हें गतिविधियों, कला और प्रयोगों से जोड़कर बच्चों के लिए सरल, सहज और सुबोध बना देती हैं।
उनकी कक्षा में 'करके सीखने' और गतिविधि आधारित शिक्षण को विशेष महत्व दिया जाता है। इससे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय विषय को स्वयं अनुभव करने और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है। रचनात्मक टीएलएम के जरिए अमूर्त एवं कठिन अवधारणाओं को बच्चों के दैनिक अनुभवों से जोड़कर प्रस्तुत करने से उनमें जिज्ञासा, सहभागिता, कल्पनाशीलता और सीखने की रुचि विकसित होती है।
बच्चों की बेहतरी ही प्राथमिकता -
शिक्षिका मीरा सिंह ने कहा कि उनका निरंतर प्रयास बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास के लिए रहा है। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी इसी तरह बच्चों की बेहतरी और उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।
BSA सहित शिक्षकों ने दी बधाई -
इधर, बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय ने मीरा सिंह के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश पांडेय सहित जिले के शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने भी उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। शिक्षकों ने कहा कि मीरा सिंह का चयन जिले के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी है।




