Sonbhadra news : मुहर्रम के छठे दिन ‘ज़िक्र-ए-या हुसैन’ की महफ़िल में कर्बला के शहीदों को किया गया याद
मुहर्रम के अवसर पर चोपन स्थित बकरिदिया इस्लामिया स्कूल, इमाम चौक पर हुसैनी कमेटी की ओर से ‘ज़िक्र-ए-या हुसैन’ महफ़िल का आयोजन किया गया।

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9:03 PM, June 23, 2026
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन (सोनभद्र)। मुहर्रम के अवसर पर चोपन स्थित बकरिदिया इस्लामिया स्कूल, इमाम चौक पर हुसैनी कमेटी की ओर से ‘ज़िक्र-ए-या हुसैन’ महफ़िल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कर्बला के शहीदों, विशेषकर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की कुर्बानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
महफ़िल को संबोधित करते हुए मौलाना शगीर अहमद ने कहा कि कर्बला की घटना इंसानियत, सच्चाई, न्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन (अ.स.) ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जो आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
हाफिज़ व कारी शेराज अहमद हस्सानी सहित अन्य उलेमा-ए-किराम ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कर्बला के संदेश पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी मानव मूल्यों और सत्य के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल है।
कार्यक्रम के दौरान नौहाख्वानी और मर्सियाख्वानी भी प्रस्तुत की गई, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। महफ़िल के समापन पर देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।
कार्यक्रम का संचालन जामा मस्जिद के पेश इमाम रमज़ान कादरी ने किया। इस अवसर पर जामा मस्जिद के सदर हाजी शरफराज अहमद, नाज़िम खान, महफूज़ आरिफ, हाजी गयासुद्दीन, नजमुद्दीन इदरीसी, उमरान अहमद, चिराग अली, सरफुद्दीन इदरीसी, अकबर अली, सरवर कुरैशी, इरशाद अहमद सहित हुसैनी कमेटी के सदस्य एवं बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे। महफ़िल के दौरान “लब्बैक या हुसैन” की सदाओं से पूरा वातावरण गूंज उठा।




