Sonbhadra News : आज भी नहीं हुआ 8 कन्याओं की शादी, मंत्री ने कार्यवाही के बजाय दे दिया अगली तारीख
पिछले दिनों डायट परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में देखने को मिला, जहाँ मारकुंडी ग्राम पंचायत की रहने वाली 8 कन्याओं को सामूहिक विवाह में बैठने से इसलिए मना कर दिया गया क्योंकि...

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9:00 PM, March 26, 2026
शांतनु कुमार
० डायट में सीडीओ ने दिया था चोपन में शादी कराने का आश्वासन
सोनभद्र। गरीबी अपने आप में एक अभिशाप है। उपर से यदि किसी गरीब के घर बेटी पैदा हो जाती है तो घर के मुखिया की चिन्ता बढ़ना लाजमी है। लेकिन सरकार ने इन्हीं सब चिंताओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन करती है। लेकिन जमीनी स्तर पर यदि लापरवाही हो तो योजना की साख पर भी बट्टा लगता है।
ऐसा ही मामला पिछले दिनों डायट परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में देखने को मिला, जहाँ मारकुंडी ग्राम पंचायत की रहने वाली 8 कन्याओं को सामूहिक विवाह में बैठने से इसलिए मना कर दिया गया क्योंकि विभाग का लक्ष्य पूरा हो गया था । लेकिन विभाग ने कन्याओं के घर इसकी सूचना अंतिम समय पर दी, जब कन्याओं की हल्दी की रश्म पूरी हो चुकी थी और घर पर रिश्तेदार भी पहुँच गए थे।
विभाग को यह सोचने की जरूरत है कि यह कोई क्रिकेट की टीम नहीं कि एक्स्ट्रा में रखा जायेगा। आखिर उन कन्याओं का क्या दोष जो मेंहदी रचकर शादी का ख्वाब देख रही थी। लेकिन विभाग की लापरवाही ने न सिर्फ उनका दिल तोड़ दिया बल्कि समाज में उनकी मर्यादा भी तार-तार कर दिया। उनका यही कसूर था न कि वे गरीब घर में पैदा हुई हैं।
मामला जब मीडिया के सज्ञान में आया तो सीडीओ से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि 26 मार्च को चोपन में होने वाले सामूहिक विवाह में सभी वंचित कन्याओं की शादी करा दी जायेगी। लेकिन अफसोस कि आज भी उन सभी 8 कन्याओं को सामूहिक विवाह से वंचित कर दिया गया। हैरान करने वाली बात यह थी कि चोपन कार्यक्रम में विभाग के मंत्री संजीव गोंड खुद मौजूद थे लेकिन वह भी विभागीय पक्ष लेते दिखे। जबकि उन्हें इस लापरवाही के लिए विभाग के अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि भविष्य में विभाग फिर किसी लड़की के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ न कर सके।
मारकुंडी प्रधान उधम सिंह ने बताया कि कन्याओं की शादी न होने से पूरा घर दुखी है।



