Sonbhadra News : दीवाली को लेकर सजे बाजार, उमड़े खरीददार
दिवाली की तैयारी शुरू हो गई है। बाजार लाइटों से जगमग होने लगा है। दुकानों के बाहर लगा सामान ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। ग्राहक भी दीपावली की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। रंग-बिरंगी झालर, कैडिल....

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11:28 PM, October 28, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । दिवाली की तैयारी शुरू हो गई है। बाजार लाइटों से जगमग होने लगा है। दुकानों के बाहर लगा सामान ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। ग्राहक भी दीपावली की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। रंग-बिरंगी झालर, कैडिल, एलईडी बल्व सहित तरह-तरह का इलेक्ट्रॉनिक सामान दीपावली पर बिकने के लिए बाजार में आ चुका है। छोटे दुकानदार भी थोक में इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जा रहे हैं। इसके अलावा सजावटी सामान की भी जमकर बिक्री हो रही है। सोमवार को बाजार में भीड़ रही, दिवाली के लिए लोग अभी से खरीदारी कर रहे हैं, इसके चलते नगर में जाम के भी हालात बने रहे।
मूर्ति बाजार में मेड इन इंडिया का जलवा -
त्योहारी सीजन में मूर्ति बाजार में मेड इन इंडिया का जलवा है। इस बार मेड इन चाइना की चमक फीकी नजर आ रही है। पिछले कई सालों से दिवाली पर देवी-देवताओं की मूर्तियों के बाजार में चीन का कब्जा था। अब अपने देश में बनी मूर्तियां ज्यादा दिखाई दे रही हैं। व्यापारियों ने कहा कि इस बार मूर्तियों के बाजार से चीनी माल काफी हद तक गायब है। दुकानदारों द्वारा कोलकाता, लखनऊ और आगरा से खूबसूरत और सजावटी मूर्तियां मंगाई गई हैं, जो खरीदारों को काफी पसंद आ रही हैं।
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खरीदारी अधिक - मेन मार्केट, शीतला मंदिर चौक, स्वर्ण जयंती चौक सहित पुरे नगर में तीन से चार इंच की गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति सबसे कम दाम 50 रुपये में बिक रही है। वहीं, कोलकाता से मंगाई मूर्तियां सबसे महंगी है। रेशमी कपड़े, कुंदन और नग वाले गहनों से सजी यह मूर्तियां छह इंच से लेकर एक फीट तक की हैं। लखनऊ से मंगाई गई मूर्तियां काफी आकर्षक हैं। यह आकार में थोड़ी छोटी जरूर हैं, लेकिन इनकी कीमत भी दो सौ से लेकर 15 सौ रुपये तक है। मूर्ति विक्रेता राकेश का कहना है कि अलग-अलग मूर्तियों और आकार के अनुरूप कीमत है साथ ही अधिकांश मूर्ति स्वदेशी हैं, चाइना का माल नहीं है।
रंग-बिरेंगे फूल, असली को दे रहे मात -




