Sonbhadra News : विधि विधान से की गयी प्रभु अनंत की पूजा
आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करना, सामाजिक एकता एवं सद्भाव को बढ़ावा देना, लोककल्याण की भावना को मजबूत करना, राष्ट्रहित में जनजागरण करना, सनातन संस्कृति के उत्थान को आगे बढ़ाना

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4:25 PM, September 26, 2026
राजकुमार गुप्ता (संवाददाता)
घोरावल (सोनभद्र) । शुक्रवार की रात अनंत चतुर्दशी पर प्रभु अनंत की पूजा बड़े विधि विधान से की गई। नगर के श्रीरामेश्वर रामलीला मंच पर मुकुट पूजा पंडित अवधेश तिवारी ने विधि विधान से मंत्रोच्चार के साथ कराई। रामलीला मंचन से पूर्व मुकुट पूजा की जाती है। जिसमें रामलीला मंचन में प्रयुक्त होने वाले मुकुट वस्त्र समेत शस्त्रों की पूजा होती है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करना, सामाजिक एकता एवं सद्भाव को बढ़ावा देना, लोककल्याण की भावना को मजबूत करना, राष्ट्रहित में जनजागरण करना, सनातन संस्कृति के उत्थान को आगे बढ़ाना तथा क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करना रहा। जिसमें नगर के सैकड़ों श्रद्धालु व बच्चों तथा युवाओं द्वारा श्री हरि के जयकारे से नगर गूंज उठा। इस मौके पर समिति के कृष्ण कुमार किसानु, पारस मोदनवाल, सुरेश चौधरी, विजय कुमार, सोनू, मन्नालाल साहू, रामचन्दर गिरी, चन्दन के साथ साथ राजीव कुमार, कार्तिकेय, अनुराग, शुभम समेत कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नगर मे प्राचीन रामलीला कमेटी ने पुरानी बाजार मे मुकुट पूजा की। बड़े सुंदर ढंग से जगमग झालर व पेड़ पौधों से उस स्थान को सजाया गया। जहां भगवान राम, लक्ष्मण व माता सीता के मुकुट तथा तीर धनुष तलवार आदि की पूजा की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। प्रयाग दास, बलराम ,फूलचंद, कोमल उमर, सुजीत, बृजेश, किशन कन्हैया समेत कई लोग मौजूद रहे।
क्षेत्र के शिवद्वार सत्तद्वारी मे अनंत चतुर्दशी पर मुकुट पूजन का आयोजन श्रद्धा एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आचार्य शिवानंद शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ रामलीला के मुकुट पूजन की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई। मुकुट पूजन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं एवं रामलीला से जुड़े लोगों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने तथा क्षेत्र की गौरवशाली रामलीला परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सूर्यकांत दुबे, अमित मिश्रा, अंगद विश्वकर्मा, सच्चिदानंद मिश्र, राजेश्वर राम शुक्ल, सुनील कुमार दुबे, शिवनारायण दुबे, व्यासजी श्यामानंद मिश्र, अनिल कुमार दुबे समेत कई लोग मौजूद रहे।




