Sonbhadra News : घर से भटकी नन्ही 'दीक्षा' को मिला मां का आंचल, चाइल्ड हेल्पलाइन की तत्परता ने परिवार से मिलाया
ननिहाल में खेलते-खेलते अचानक लापता हुई 2 वर्षीय मासूम दीक्षा आखिरकार अपनी मां की गोद में लौट आई। इस पूरे घटनाक्रम ने जहां परिवार की सांसें थाम दी थीं, वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला थाना पुलिस की.....

घर से भटकी नन्हीं दीक्षा को उसकी मां को सौंपती महिला थाना प्रभारी व चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम.....
sonbhadra
6:14 PM, May 21, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• 2 वर्ष की मासूम के लापता होने से मचा हड़कंप, कुछ घंटों में टीम ने खोज निकाले परिजन
सोनभद्र । ननिहाल में खेलते-खेलते अचानक लापता हुई 2 वर्षीय मासूम दीक्षा आखिरकार अपनी मां की गोद में लौट आई। इस पूरे घटनाक्रम ने जहां परिवार की सांसें थाम दी थीं, वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला थाना पुलिस की तत्परता ने कुछ ही घंटों में बिछड़े परिवार को फिर से मिला दिया। मासूम के मां से मिलते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
जानकारी के अनुसार, प्रयागराज जनपद के मेजा थाना क्षेत्र स्थित तुल्लापुर गांव निवासी शिवम की पत्नी दीपा इन दिनों अपने ननिहाल रॉबर्ट्सगंज की दलित बस्ती में आई हुई थीं। इसी दौरान उनकी 2 वर्षीय बेटी दीक्षा खेलते-खेलते अचानक कहीं चली गई। बच्ची के गायब होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मामले की सूचना मिलते ही परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम सक्रिय हो गई। टीम के सुपरवाइजर सुधा गिरी और काउंसलर अमन सोनकर ने बच्ची को संरक्षण में लेकर उसकी पहचान और परिजनों की तलाश शुरू की। महिला थाना प्रभारी सविता सरोज ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बच्ची से बेहद मित्रवत तरीके से बातचीत की और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों के बाद कुछ ही घंटों में बच्ची के माता-पिता से संपर्क स्थापित कर लिया गया। आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मासूम दीक्षा को उसकी मां दीपा के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बच्ची को सुरक्षित देखकर मां दीपा भावुक हो उठीं और चाइल्ड हेल्पलाइन व पुलिस टीम का आभार जताया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी टीम की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की।
महिला थाना प्रभारी सविता सरोज ने कहा कि "बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सतर्कता किसी परिवार को टूटने से बचा सकती है। वहीं परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन टीम 24 घंटे बच्चों की मदद के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा लावारिस या भटका हुआ मिले तो तत्काल 1098 पर सूचना दें, ताकि उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।"




