Sonbhadra News : विष्णु महायज्ञ एवं श्रीराम कथा का पांचवें दिन श्रोता हुए मंत्र मुग्ध
श्रीराम विवाह और सीता विदाई का कथावाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने बहुत ही सुंदर ढंग से कथा श्रोताओं को सुनाया। जहां श्रोतागण मंत्र मुग्ध होकर नाच गाकर श्रीराम के चरणों को प्रणाम किया।

sonbhadra
6:56 PM, February 20, 2026
एस प्रसाद (संवाददाता)
म्योरपुर (सोनभद्र) । शुक्रवार की सायं श्रीराम विवाह और सीता विदाई का कथावाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने बहुत ही सुंदर ढंग से कथा श्रोताओं को सुनाया। जहां श्रोतागण मंत्र मुग्ध होकर नाच गाकर श्रीराम के चरणों को प्रणाम किया। कथावाचक ने सुनाया कि ऋषि विश्वामित्र के साथ मिथिला आए श्रीराम ने राजा जनक की शर्त पूरी करते हुए शिवजी का धनुष तोड़ा, जिससे सीता जी के साथ उनका विवाह हुआ। बारात अयोध्या लौटी और विदाई के समय सीता जी ने मिथिला की साड़ियों, सखियों और मायके की यादें लेकर विदा लीं। विदाई के समय मिथिला की रानियां, सखियां और स्वयं राजा जनक बहुत भावुक हो गए थे। यह विदाई नारी की विदाई का सबसे मार्मिक प्रसंग माना जाता है। राजा जनक ने अपनी पुत्री को बहुत सारे उपहार दिए, लेकिन सीता के वियोग में वे दुखी हो गए। माता सीता अपनी बहनों के साथ अयोध्या के लिए विदा हुईं। अयोध्या में माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी ने बहुओं का भव्य स्वागत किया। कथा के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चांद प्रकाश जैन, जिला महामंत्री सोनबच्चा अग्रहरी, मंडल अध्यक्ष रणजीत पनिका,ग्राम प्रधान पति गणेश जायसवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहर लाल खरवार, नगर पंचायत वार्ड सदस्य शंभू खरवार, मोनू जायसवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष सूरज ओझा,पूर्व प्रधान रामलखन गोंड, जयप्रकाश कुशवाहा भाजपा कार्यकर्ता सहित कई गांव के गणमान्य नागरिक सहित महिला पुरुष मौजूद रहे।



