Sonbhadra News : मजदूरों पर दमन के खिलाफ वामदलों का हल्ला बोल, सरकार पर तानाशाही का आरोप लगा सौंपा राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
संयुक्त वामदल के बैनर तले गुरुवार को भाकपा, माकपा और माले के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मजदूरों के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी करते..

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5:55 PM, April 23, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । संयुक्त वामदल के बैनर तले गुरुवार को भाकपा, माकपा और माले के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मजदूरों के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नोएडा सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मजदूरों पर दमन, लाठीचार्ज, फर्जी मुकदमे और शोषण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आठ घंटे कार्यदिवस लागू करने, अतिरिक्त कार्य पर डबल ओवरटाइम भुगतान और मजदूरों की बुनियादी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई।
भाकपा जिला सचिव कामरेड आर0के0 शर्मा ने कहा कि "नोएडा में वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य दशा की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मजदूरों पर की गई कार्रवाई सरकार के श्रमिक विरोधी और तानाशाही रवैये को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मजदूरों और किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।"
माकपा जिला मंत्री कामरेड नन्द लाल आर्या ने कहा कि "मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी, जेल भेजना और परिवारों से मिलने तक से रोकना बेहद निंदनीय है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि प्रदेश के कई जिलों में विरोध करने वालों को हाउस अरेस्ट किया जा रहा है और डराने-धमकाने की कार्रवाई की जा रही है।"
खेत मजदूर यूनियन के नेता कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा ने प्रदेश में जनतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है। वहीं किसान सभा के नेता कामरेड प्रेमनाथ ने सरकार पर जन आंदोलनों को बदनाम करने का आरोप लगाया।
सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड विसंभर सिंह ने मांग की कि नोएडा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार सभी मजदूरों और नेताओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
वामदलों के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि माकपा महासचिव और सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को डीएम और मजदूर परिवारों से मिलने से रोका गया, जिसे उन्होंने तानाशाहीपूर्ण कदम बताया।
प्रदर्शन के दौरान वामदलों ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस दौरान कामरेड पुरुषोत्तम, प्रेमचंद्र गुप्ता, ईश्वर दयाल, लल्लन राम, दुबराजी देवी, उर्मिला देवी, तेतरी देवी, सीमा, कमली देवी, आशय कुमार सिंह, राजबली, हनुमान प्रसाद, राजकुमार, लाल बहादुर और रामबचन समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।



