Sonbhadra News : तूल पकड़ता जा रहा लक्ष्मी खरवार के मौत का मामला, कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल मृतक के परिजनों से की मुलाकात, CBI या न्यायिक जांच की मांग
कांग्रेस पार्टी इस पूरे घटना पर CBI या उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही दोषी मांची थाने के पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।

sonbhadra
6:47 PM, September 30, 2026
शांतनु कुमार/अवधेश पटेल
सोनभद्र। ब्लॉक नगवा के ग्राम देवहार में 23 सितंबर को आदिवासी युवक लक्ष्मी खरवार की संदिग्ध मौत का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। पहले बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के दौरे के बाद बुधवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मण्डल मृतक के लक्षण खरवार के परिजनों से मुलाकात की तथा पुलिस और एनजीओ पर हत्या का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की। जिलाध्यक्ष रामराज गोंड को परिजनों ने बताया कि 23 सितबर को एनजीओ हंस फाउंडेशन की एम्बुलेंस गांव में निशुल्क दवा बांटने आई थी। लक्ष्मी खरवार भी दवा लेने गया तो एनजीओ ने दवा देने से मना कर दिया और विवाद करने लगे । परिजनों का आरोप है कि कुछ समय बाद मांची थाने की पुलिस घर पर आई और लक्ष्मी को मारा-पीटा और धमकी दी कि तुम्हें देवहार गांव में नहीं रहने देंगे। परिजनों ने बताया कि डर के कारण लक्ष्मी रात दूसरे घर में सोने चला गया, जहाँ रात में उसकी हत्या करके उसे फंदे पर लटका दिया गया। पूरी घटना सज्ञान में आने के बाद जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने परिजनों को न्याय का पूरा आश्वासन दिया। जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने कहा कि यह भाजपा शासन में जंगलराज का जीता-जागता सबूत है। सिर्फ दवा मांगने पर एक गरीब आदिवासी युवक को पुलिस द्वारा पीटना और गांव से निकालने की धमकी देना और फिर उसकी हत्या हो जाना, यह सामान्य नहीं है । उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यह हत्या पुलिस और एनजीओ की मिलीभगत से हुई है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि योगी सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
कांग्रेस पार्टी इस पूरे घटना पर CBI या उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही दोषी मांची थाने के पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। अगली मांग में हंस फाउंडेशन एनजीओ की भूमिका की जांच कर उसकी मान्यता रद्द की जाए। कांग्रेस ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिये जाने की भी मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश सचिव ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, शहर अध्यक्ष फरीद अहमद, प्रदेश पब्लिक सिटी मीडिया प्रवक्ता संगीता श्रीवास्तव, ब्लॉक अध्यक्ष उदय लड्डू पांडे, वरिष्ठ कांग्रेसी एवं पूर्व जिला प्रवक्ता गोपाल पाठक मौजूद रहे ।




