Sonbhadra news : कोन में रेल चलाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष बने लक्ष्मी जायसवाल
मेराल से भवनाथपुर कोन सलइबनवा से जोड़ने के लिए रेलवे लाइन बनाते हुए रेल चलाने की मांग को लेकर रविवार को सभागार में रेल चलाओ संघर्ष समिति कि बैठक की गई।

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6:53 PM, September 20, 2026
पीके विश्वकर्मा (संवाददाता)
-- कोन से रेल चलाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने किया प्रदर्शन
कोन सोनभद्र । मेराल से भवनाथपुर कोन सलइबनवा से जोड़ने के लिए रेलवे लाइन बनाते हुए रेल चलाने की मांग को लेकर रविवार को भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष गढ़वा रघूराज पाण्डेय व प्रमुख प्रतिनिधि शशांक शेखर मिश्रा के नेतृत्व में कोन स्थित लक्ष्मी कुमार जायसवाल के सभागार में रेल चलाओ संघर्ष समिति कि बैठक की गई जिसमें कोन क्षेत्र के तमाम बुद्धिजीवी व गणमान्य लोगों में बढ़-चढ़कर कर भाग लिया, बैठक में रेल संघर्ष समिति गढ़वा झारखंड के पदाधिकारियों व क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने सर्वसम्मति से लक्ष्मी कुमार जायसवाल को ब्लाक अध्यक्ष , बृज कुमार जायसवाल, सुनील जायसवाल, विमलेश यादव, सुरेन्द्र जायसवाल, श्रवण जायसवाल, अवधेश राय को उपाध्यक्ष, विजय शंकर जायसवाल, अलखनारायण जायसवाल को महामंत्री , शिवप्रसाद गुप्ता, धीरेन्द्र जायसवाल, विदेश निषाद, अजय जायसवाल, मंहगू राम, वसीउल हसन, प्रेमचंद यादव को मंत्री, संतोष जायसवाल, व संतोष पासवान को कोषाध्यक्ष, शशांक शेखर मिश्रा को संयोजक, व वंशीधर, सुशील चतुर्वेदी, सुशील जायसवाल, जोखन यादव, राकेश तिवारी, रामकुमार जायसवाल, सुजीत यादव, हृदय निवास पाण्डेय, दिनेश गुप्ता, कमलेश कुमार को संरक्षक सर्वसम्मति से बनाया गया, नव नियुक्त पदाधिकारियों ने बड़े ही उत्साह के साथ कोन से रेल चलाने तक संघर्ष करते रहने का प्रतिज्ञा लिया,समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने कहा कि कोन क्षेत्र आज भी बहुत पिछड़ा है रेल चलाने से लगभग पांच लाख लोगों को लाभ के साथ क्षेत्र का विकास होना तय है संघर्ष समिति के लोगों ने रेल चलने तक संघर्ष जारी रखने का शपथ लिया। भवनाथपुर गढ़वा झारखंड से आयें पदाधिकारियों ने कहा कि हम सभी लोग मेराल से भवनाथपुर होते कोन सलइबनवा से रेलवे लाइन जोड़ने के लिए संघर्ष कर रहे है आज आप सभी के हौसले से समिति और मजबूरी से रेल चलाने का संघर्ष जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ी तो संसद से सड़क आंदोलन किया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष रघूराज पाण्डेय, संतोष कुमार सिंह, विनय कुमार चौबे, उपेन्द्र चौबे, रामकृपाल दुबे, सुधीर जायसवाल,विश्वनाथ राम, उपेन्द्र दास, मयूरा पासवान, इंद्रमणि जायसवाल, संध्याकर विश्वकर्मा, जितेन्द्र यादव, विनय कन्नौजिया, संजय कन्नौजिया, जगरनाथ पासवान समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।




