Sonbhadra News : बेसिक शिक्षा की वरीयता सूची में 'कोन' का डंका, 'नगवां' फिसड्डी
बेसिक शिक्षा विभाग की अगस्त माह की विकासखंडवार प्रशासनिक एवं शैक्षणिक समीक्षा में कोन ने एक बार फिर जिले में अपना दबदबा कायम रखा, जबकि नगवां का प्रदर्शन विभाग के लिए चिंता का सबब बन गया। जिला.........

AI जनरेटेड बैनर......
sonbhadra
6:53 PM, September 6, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• अगस्त की समीक्षा में कोन 77.58 अंकों के साथ अव्वल, चोपन दूसरे और तीसरे पायदान पर बभनी काबिज
• अप्रैल के दूसरे स्थान से फिसलकर अंतिम पायदान पर पहुंचा नगवां
सोनभद्र । बेसिक शिक्षा विभाग की अगस्त माह की विकासखंडवार प्रशासनिक एवं शैक्षणिक समीक्षा में कोन ने एक बार फिर जिले में अपना दबदबा कायम रखा, जबकि नगवां का प्रदर्शन विभाग के लिए चिंता का सबब बन गया। जिला कार्ययोजना प्रगति निगरानी पटल पर जारी वरीयता सूची में कोन ने 77.58 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। चोपन दूसरे और बभनी तीसरे स्थान पर रहे। वहीं करमा, दुद्धी और नगवां क्रमश: आठवें, नौवें और दसवें यानी अंतिम पायदान पर रहे।
जिले का अगस्त माह का औसत प्राप्तांक 66.65 प्रतिशत रहा। सूची जारी होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कोन के खंड शिक्षा अधिकारी विश्वजीत कुमार, द्वितीय स्थान पर रहे चोपन के खंड शिक्षा अधिकारी लोकेश कुमार मिश्र तथा तीसरे स्थान पर रहे बभनी के खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार के कार्यों की सराहना की।
कई मोर्चों पर पिछड़े विकासखंडों की खुली पोल -
समीक्षा के दौरान छात्र नामांकन और पिछली कक्षा से अगली कक्षा में प्रोन्नति के मामले में बभनी, चतरा और कोन ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। हालांकि प्राथमिक से उच्च प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश के मामले में बभनी और नगवां का प्रदर्शन कमजोर रहा।
निपुण भारत अभियान के तहत विद्यार्थियों के अधिगम स्तर और मूल्यांकन में कोन और चोपन सबसे आगे रहे। शिक्षकों की उपस्थिति के मामले में चोपन, दुद्धी और नगवां ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन विद्यार्थियों की अंकीय उपस्थिति ने कई विकासखंडों की स्थिति उजागर कर दी। इसमें कोन का प्रदर्शन भी महज 54.44 प्रतिशत रहा, जबकि दुद्धी और नगवां की स्थिति और खराब पाई गई।
हालांकि विद्यालय संस्कृति से जुड़े दैनिक प्रार्थना सभा और समय-सारणी के अद्यतीकरण जैसे मानकों पर सभी विकासखंडों ने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए।
अप्रैल के 39.03 से अगस्त में 66.65 अंक पर पहुंचा जनपद -
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में जिले के प्रदर्शन में पिछले महीनों के मुकाबले उल्लेखनीय सुधार भी सामने आया है। अप्रैल में जिले का औसत प्राप्तांक जहां 39.03 था, वहीं अगस्त में यह बढ़कर 66.65 हो गया। यानी महज कुछ महीनों में जिले के प्रदर्शन में 27.62 अंकों का सुधार हुआ।
इस दौरान कोन सबसे भरोसेमंद प्रदर्शनकर्ता बनकर उभरा। अप्रैल, मई, जुलाई और अगस्त की समीक्षा में उसने लगातार प्रथम स्थान पर कब्जा बनाए रखा। वहीं चोपन ने प्रगति के मामले में शानदार छलांग लगाई और अप्रैल से अगस्त के बीच 34.37 अंकों की संचयी वृद्धि दर्ज की। मई से वह लगातार शीर्ष दो में बना हुआ है।
दूसरे स्थान से सीधे अंतिम पायदान पर पहुंचा नगवाँ -
सबसे बड़ा झटका नगवां विकासखंड के प्रदर्शन में देखने को मिला। अप्रैल में दूसरे स्थान पर रहने वाला नगवां अगस्त तक आठ पायदान लुढ़ककर सीधे दसवें और अंतिम स्थान पर पहुंच गया। इस अवधि में नगवां की वृद्धि भी महज 17.47 अंक रही, जो जिले में सबसे कम है।
दुद्धी के प्राप्तांकों में भले ही 29.67 अंकों का सुधार हुआ हो, लेकिन वरीयता सूची में वह नौवें स्थान से ऊपर नहीं उठ सका। करमा भी आठवें स्थान पर रहा।
अंतिम तीन पायदान विभाग के लिए चुनौती -
वरीयता सूची ने यह साफ कर दिया है कि जिले के औसत प्रदर्शन में सुधार के बावजूद नगवां, दुद्धी और करमा को अभी लंबी दूरी तय करनी है। खासकर नगवां का लगातार नीचे खिसकना विभाग के लिए गंभीर संकेत है। विभाग ने इन पिछड़े विकासखंडों के कमजोर संकेतकों की गहन समीक्षा कर तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि अगली समीक्षा में निचले पायदान पर रहने वाले विकासखंड अपनी स्थिति सुधार पाते हैं या नहीं।




