Sonbhadra News : बेटियों का भविष्य संवार रही कन्या सुमंगला योजना, 26 हजार से ज्यादा बालिकाओं को मिला लाभ
बेटियों के जन्म, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जनपद सोनभद्र में हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। योगी सरकार की इस.....

जिलाधिकारी चर्चित गोंड........
sonbhadra
10:29 PM, July 1, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बेटियों के जन्म, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जनपद सोनभद्र में हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले में अब तक 26,341 बालिकाओं को आर्थिक सहायता का लाभ मिल चुका है। जन्म से लेकर स्नातक अथवा डिप्लोमा तक छह चरणों में 25 हजार रुपये की सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है।
जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाना तथा कन्या भ्रूण हत्या जैसी प्रवृत्तियों को समाप्त करना भी है। उन्होंने बताया कि योजना के प्रभाव से जिले में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है और लोगों में जागरूकता भी बढ़ी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में भी योजना के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। अब तक 1,117 नए आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनी हुई है।
छह चरणों में मिलती है आर्थिक सहायता -
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिका को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में कुल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- जन्म के एक वर्ष के भीतर पंजीकरण पर 5,000 रुपये।
- पूर्ण टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये।
- कक्षा 1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये।
- कक्षा 6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये।
- कक्षा 9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये।
- 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक अथवा दो वर्षीय या उससे अधिक अवधि के डिप्लोमा में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।
इन परिवारों को मिलता है योजना का लाभ -
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को दिया जाता है जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम है। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना की पात्र होती हैं। हालांकि, यदि पहले प्रसव में एक बेटी और दूसरे प्रसव में जुड़वां बेटियों का जन्म होता है, तो ऐसी स्थिति में तीनों बेटियों को योजना का लाभ दिया जाता है।
जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने कहा कि "मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र बालिका इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।"
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे पात्रता के अनुसार अपनी बेटियों का समय से पंजीकरण कराएं, ताकि सरकार द्वारा संचालित इस जनकल्याणकारी योजना का पूरा लाभ उन्हें मिल सके।




