Sonbhadra News : कनहर परियोजना से बदलेगी जनपद की तस्वीर, अगले वर्ष खेतों तक पहुंचेगा पानी
वर्षों से पेयजल और सिंचाई संकट झेल रहे सोनभद्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। दुद्धी तहसील में निर्माणाधीन कनहर सिंचाई परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बांध निर्माण कार्य पूरा हो.....

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sonbhadra
7:54 PM, May 27, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• योगी सरकार में तेजी से पूरा हुआ निर्माण कार्य, 108 गांवों के किसानों को मिलेगा सिंचाई और पेयजल का लाभ
सोनभद्र । वर्षों से पेयजल और सिंचाई संकट झेल रहे सोनभद्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। दुद्धी तहसील में निर्माणाधीन कनहर सिंचाई परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बांध निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नहर प्रणाली का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। जिला प्रशासन का दावा है कि दिसंबर 2026 तक परियोजना पूरी कर जनवरी 2027 से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा।
प्रदेश की उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने खास रफ्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में पकड़ी। लंबे समय से भूमि अधिग्रहण और निर्माण संबंधी अड़चनों में फंसी परियोजना को जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर काम कर आगे बढ़ाया।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि "परियोजना निर्माण से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दिसंबर 2026 तक हर हाल में कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि जनवरी 2027 से किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। उन्होंने बताया कि यह परियोजना कनहर और पांगन नदी के संगम क्षेत्र में स्थित है, जहां वर्षा जल संचयन के लिए 3.24 किलोमीटर लंबे एवं 39.9 मीटर ऊंचे बांध का निर्माण पूरा किया जा चुका है।सोनभद्र । वर्षों से पेयजल और सिंचाई संकट झेल रहे सोनभद्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। दुद्धी तहसील में निर्माणाधीन कनहर सिंचाई परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बांध निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नहर प्रणाली का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। जिला प्रशासन का दावा है कि दिसंबर 2026 तक परियोजना पूरी कर जनवरी 2027 से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा। परियोजना की द्वितीय पुनरीक्षित लागत 3394.65 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इस परियोजना से दुद्धी और चोपन ब्लॉक के लगभग 35,467 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकेगी। साथ ही करीब दो लाख आबादी को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन भी बढ़ेगा। कनहर परियोजना के तहत किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने वाली नहर प्रणाली की कुल लंबाई 248.810 किलोमीटर है, जबकि मुख्य नहर 57.10 किलोमीटर लंबी बनाई जा रही है। परियोजना के अंतर्गत कनहर, पांगन, सुखरी पांगन, लउवा, ठेमा, पाण्डु, गोइठा और धोरपा जैसी नदियों का क्षेत्र शामिल है, जिनकी कुल लंबाई करीब 650 किलोमीटर बताई गई है।"
विशेषज्ञों के अनुसार, सोनभद्र का भूभाग पठारी होने के कारण वर्षाकाल में नदियों का जल तेज गति से बहकर बिना उपयोग के निकल जाता था। भूगर्भ जल स्तर भी काफी नीचे होने से गर्मियों में लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब इस परियोजना के पूरा होने से वर्षा जल का संचयन संभव होगा और इसका लाभ किसानों तथा आम लोगों को मिलेगा।
कनहर निर्माण खंड-3 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि "बांध को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। स्पिलवे में 16 रेडियल गेट लगाए गए हैं, जो जलस्तर बढ़ने पर स्वत: सक्रिय होकर खुल जाएंगे और पानी कम होते ही अपने आप बंद हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत 1775 मीटर लंबा एक्वाडक्ट और 2660 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है।"




