Sonbhadra News : जुलाई खत्म होने को, फिर भी नहीं बुझी रिहंद बांध की प्यास, पिछले साल से 22.7 फीट कम जलस्तर
एशिया के विशालतम बांधों में शामिल पिपरी स्थित रिहंद बांध इस वर्ष पर्याप्त वर्षा के अभाव में प्यासा ही नजर आ रहा है।

sonbhadra
3:46 PM, July 30, 2026
मनोज बर्मा (संवाददाता)
रेणुकूट (सोनभद्र) । एशिया के विशालतम बांधों में शामिल पिपरी स्थित रिहंद बांध इस वर्ष पर्याप्त वर्षा के अभाव में प्यासा ही नजर आ रहा है। मानसून का लगभग डेढ़ माह बीत जाने और जुलाई समाप्ति की ओर होने के बावजूद बांध का जलस्तर अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका है। हालत यह है कि 15 जून की तुलना में भी जलस्तर में बढ़ोतरी होने के बजाय मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिससे इस बार बांध के लबालब भरने की उम्मीद धूमिल होती दिखाई दे रही है। 30 जुलाई को रिहंद बांध का जलस्तर 845.4 फीट दर्ज किया गया, जबकि 15 जून को यह 845.6 फीट था। यानी डेढ़ महीने के मानसून के बाद भी जलस्तर में 0.2 फीट की कमी आई है। वहीं यदि पिछले वर्ष की बात करें तो 30 जुलाई 2025 को बांध का जलस्तर 868.1 फीट तक पहुंच गया था, जो इस वर्ष की तुलना में 22.7 फीट अधिक है। पिछले वर्ष पर्याप्त वर्षा होने के कारण 28 जुलाई को ही बांध के फाटक खोल दिए गए थे और बाद में जलस्तर बढ़ने पर कई बार गेट खोलने की नौबत आई थी। लेकिन इस वर्ष ऐसी स्थिति बनने की संभावना फिलहाल काफी कम दिखाई दे रही है। जानकारों के अनुसार इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून कमजोर पड़ा है। रिहंद बांध के कैचमेंट क्षेत्र में सामान्य से काफी कम वर्षा होने से बांध में पानी की आवक प्रभावित हुई है। यही कारण है कि जलस्तर में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो सकी है।
हालांकि बांध पर स्थापित छह टरबाइनों से नियमित रूप से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन यदि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश नहीं हुई तो जल भंडारण और बिजली उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है। इससे सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक जलापूर्ति की भविष्य की योजनाओं पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। अब सभी की निगाहें अगस्त माह की बारिश पर टिकी हैं। यदि कैचमेंट क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है तो रिहंद बांध के जलस्तर में सुधार संभव है, अन्यथा इस वर्ष बांध का पूरी क्षमता तक भर पाना मुश्किल हो सकता है। जल संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी कुछ सप्ताह की बारिश ही तय करेगी कि रिहंद बांध इस वर्ष अपनी प्यास बुझा पाएगा या नहीं।




