Sonbhadra News : रावर्ट्सगंज नगर में सिटी हॉस्पिटल का मुद्दा गरमाया, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर लगा आरोप
बुद्धिजीवियों का मानना है कि पुराना जिला अस्पताल लोढ़ी शिफ्ट होने के बाद से यह मांग उठती रही है कि नगर में एक सिटी हॉस्पिटल होना चाहिए।

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2:14 PM, October 10, 2026
शांतनु कुमार
सोनभद्र । आगामी विधानसभा चुनाव के पहले नगर में सिटी हॉस्पिटल खोले जाने की मांग अब धीरे-धीरे तेज होने लगी है । लंबे समय से सिटी हॉस्पिटल की मांग कर रहे लोग अब आंदोलन व धरने पर बैठने की बात कर रहे हैं । खास बात यह है कि सिटी हॉस्पिटल की मांग में आमजन, व्यापारी, पत्रकार के साथ बीजेपी के नेता भी साथ आ गए हैं। बुद्धिजीवियों का मानना है कि पुराना जिला अस्पताल लोढ़ी शिफ्ट होने के बाद से यह मांग उठती रही है कि नगर में एक सिटी हॉस्पिटल होना चाहिए। ताकि रात इमरजेंसी केस को इस हॉस्पिटल में भर्ती किया जा सके और सुबह बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया जा सके ।
बीजेपी के नगर मंडल अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक तक इस मुद्दे को लेकर गुहार लगा चुके हैं । उनका मानना है कि नगर में सिटी हॉस्पिटल अत्यंत आवश्यक है क्योंकि नगर पालिका का दायरा भी बढ़ गया है और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले गरीबों तबके के लोग संसाधन के अभाव में लोढ़ी मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंच पाते, जिससे मरीज की तबीयत और भी बिगड़ जाती है । ऐसे में यदि नगर में सिटी हॉस्पिटल खुल जाए तो लोगों को प्राथमिक उपचार मिल सकता है । विनय श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर यहां के अधिकारी और जनप्रतिनिधि बिल्कुल गंभीर नहीं है ।
वहीं भाजपा नेता प्रमोद गुप्ता ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही व उनकी अनदेखी की वजह से आज तक नगर में सिटी हॉस्पिटल नहीं खुल पाया । उन्होंने कहा कि सिटी हॉस्पिटल नगर ही नहीं आसपास के क्षेत्र के लिए भी वरदान साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार भी अपनी समिति जाता चुका है मगर प्रशासन में बैठे अधिकारियों के वजह से सिटी हॉस्पिटल आज तक नहीं खुल सका ।
वहीं लंबे समय से सिटी हॉस्पिटल व अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव का कहना है कि अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन सब अपना उल्लू सीधा करने में लगे हुए हैं, किसी को जनता के हित से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि सिर्फ अपनी झोली भरने में लगे हुए हैं ।
वहीं वरिष्ठ पत्रकार बृजेश पाठक का कहना है कि सीएमओ ने संसाधन मिलने पर सिटी हॉस्पिटल चालू करने की सहमति कर चुके हैं मगर अफसोस इस बात का है कि इस जिले में न धन की कमी है और ना किसी संसाधन की, कमी है तो सिर्फ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के इच्छा शक्ति की ।
वही व्यापार संघ के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा का कहना है कि वे लगातार सिटी हॉस्पिटल की मांग को लेकर उद्योग बंधु की बैठक में उठाते रहे हैं लेकिन मामला क्यों रुका हुआ है यह समझ से परे है । जबकि नगर पालिका क्षेत्र का दायरा बढ़ने के साथ जनसंख्या में भी बृद्धि हुई है और जो मानक सिटी हॉस्पिटल को चाहिए वह मानक पूरा है, बावजूद इसके सिर्फ अधिकारियों की सोच और उनकी शीतलता की वजह से नगर को सिटी हॉस्पिटल किसी सौगात नहीं मिल पा रही है ।
बहरहाल कुल मिलाकर विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक है ऐसे में सिटी हॉस्पिटल की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मुद्दे के साथ न सिर्फ आम नागरिक हैं बल्कि बीजेपी के नेता भी इसके समर्थन में खड़े होने लगे हैं।ऐसे में अब देखने वाली बात यह है कि जनप्रतिनिधि सिटी हॉस्पिटल मांग पर अपना रुख कब तक साफ करते हैं।




