Sonbhadra News : क्या सोनभद्र में फर्जी आय-जाति-निवास बनाने का चल रहा रैकेट, Gen-Z ने DM-SP से मिलकर सौंपा शिकायती पत्र
सोनभद्र में कई Gen-Z जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर बड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि सोनभद्र में बड़े पैमाने पर फर्जी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है।

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2:21 PM, August 7, 2026
- मध्य प्रदेश के युवाओं पर सोनभद्र में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी लेने का आरोप
- पहले भी कई कर्मचारियों पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने का लग चुका है आरोप
शांतनु कुमार/रविंद्र पाठक
सोनभद्र। जहां एक तरफ देश के कई राज्यों में Gen-Z पेपर लीक को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं सोनभद्र में कई Gen-Z जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर बड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि सोनभद्र में बड़े पैमाने पर फर्जी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि सोनभद्र भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र लगाकर मध्य प्रदेश के बैसवार जाति के लड़के लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।
Gen-Z ने शिकायती पत्र में बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 18 नवम्बर 2025 को उत्तर प्रदेश होम गार्ड भर्ती 2025 प्रकाशित किया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश के बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने फार्म भरा । जिसकी भर्ती परीक्षा 25 अप्रैल 2026 से 27 अप्रैल 2026 को हुई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसी भर्ती परीक्षा में मध्य प्रदेश राज्य के बैस जाति के अभ्यर्थी जो मध्य प्रदेश राज्य में अन्य पिछड़े वर्ग (OBC) में शामिल हैं, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में फर्जी तरीके से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से अपना आय, जाति, निवास बनवाकर भर्ती में लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने बताया कि उपरोक्त परीक्षा में कुल 41424 सीटों के भर्ती निकाली गयी थी। जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 16650 सीट, ई०डब्लू०एस० के लिए 4331,अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 11090 सीट तथा अनुसूचित जाति (SC) के लिए 8645 सीट व अनुसूचित जनजाति के लिए 808 सीट आरक्षित की गई थी। सोनभद्र जिले के लिए कुल 250 सीट आवंटित की गई है। है। जिसमें अनुसूचित जाति (SC) के लिए लिए मात्र 52 सीट रिजर्व है।
अब सोनभद्र जिले की अनुसूचित जाति की 52 सीट पर मध्य प्रदेश के बैसवार जाति के लड़के फर्जी आय, जाति व निवास बनवाकर भर्ती में लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत कर्ता सूरज, विकाश, फूल सिंह, अजय ने बताया कि आगामी दिनों में होने वाले सर्टिफिकेट वैरिफिकेशन में उक्त लड़के वही फर्जी आय, जाति, निवास का उपयोग कर सकते हैं।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश में फर्जी आय, जाति, निवास बनाकर नौकरी पाने का यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी कई लोग के खिलाफ शिकायत हो चुकी है लेकिन हर बार जांच ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
ऐसे में अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन इस बार क्या एक्शन लेती है। यदि प्रशासन सही तरीके से जांच करा दी तो कई कर्मचारी इस फर्जीवाड़े के जद में आ सकते हैं और बड़ा रैकेट का भंडाफोड़ हो सकता है।




