Sonbhadra News : मारपीट में घायल अनुदेशक की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने पुलिस पर कार्यवाही में ढिलाई बरतने का लगाया आरोप
बीते रविवार को रेणुकूट बस स्टैंड पर हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल शिक्षक संदीप कुमार पाल (36वर्ष) की वाराणसी में उपचार के दौरान मौत के बाद मामला पूरी तरह तूल पकड़ गया है। जहां एक ओर पुलिस ने.......

ऊपर मृतक के परिजन और नीचे मृतक संदीप कुमार पाल की फाइल फोटो.....
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6:58 PM, July 30, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बीते रविवार को रेणुकूट बस स्टैंड पर हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल शिक्षक संदीप कुमार पाल (36वर्ष) की वाराणसी में उपचार के दौरान मौत के बाद मामला पूरी तरह तूल पकड़ गया है। जहां एक ओर पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय पांडे समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है, वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य आरोपी को बचाने और कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। पुलिसिया लापरवाही की शिकायत लेकर एसपी से मुलाकात करने पुलिस लाइन चुर्क आए परिजनों के हांथ निराशा ही लगी क्योंकि उनकी मुलाकात पुलिस अधीक्षक से नहीं हो सकी।
परिजनों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने यदि सख्ती दिखाई होती और आरोपियों पर तत्काल कार्यवाही की होती, तो आज स्थिति शायद अलग होती। उनका आरोप है कि शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे आरोपियों को राहत मिली। अब शिक्षक की मौत के बाद हत्या का मुकदमा तो दर्ज हो गया, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से परिजनों में भारी आक्रोश है।
घटना रविवार रात की है, जब संदीप कुमार पाल रेणुकूट बस स्टैंड पर पान खाने गए थे। आरोप है कि किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद अजय पांडेय और उसके साथियों ने लाठी-डंडों, लोहे की रॉड तथा लात-घूंसों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें हिंडालको अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया, जहां मंगलवार की भोर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। संदीप कुमार पाल कंपोजिट विद्यालय पनारी में अनुदेशक थे। उनकी पत्नी बसंती हिंडालको अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं जबकि मुख्य आरोपी अजय कुमार पाण्डेय हिंडाल्को हॉस्पिटल में बतौर वार्ड ब्वॉय कार्यरत है। वहीं शिक्षक की मौत की खबर के बाद शिक्षा जगत और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
मृतक के भाई प्रदीप कुमार पाल ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय पांडेय को हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद यह कहते हुए छोड़ दिया कि वह घटना में शामिल नहीं है। उन्होंने मांग किया कि मुख्य आरोपी और घटना में शामिल सभी लोगों की तत्काल गिरफ्तारी हो तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कानूनी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल मुकदमा दर्ज होने से नहीं, बल्कि दोषियों को सख्त सजा मिलने से न्याय मिलेगा।"
पिपरी थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश चौबे ने बताया कि "मृतक के भाई की तहरीर पर आरोपी अजय पांडेय और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।"




