Sonbhadra News : शॉर्ट सर्किट के बाद हुई आगजनी में मासूम की मौत, जुड़वा भाइयों का इलाज जारी
दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के हरपुरा गांव में शनिवार रात कूलर में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। आग की चपेट में आने से तीन बच्चे झुलस गए, जिनमें डेढ़ वर्षीय रिंकू की जिला.....

हॉस्पिटल में उपचाराधीन मासूम......
sonbhadra
7:07 PM, August 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे/धर्मेंद्र गुप्ता (संवाददाता)
सोनभद्र । दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के हरपुरा गांव में शनिवार रात कूलर में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। आग की चपेट में आने से तीन बच्चे झुलस गए, जिनमें डेढ़ वर्षीय रिंकू की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं उसका दो माह का जुड़वा भाई करन अब पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसे मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। तीसरे बच्चे कार्तिक का भी उपचार कराया गया।
जानकारी के अनुसार हरपुरा गांव निवासी पवन गुप्ता के घर में शनिवार रात कूलर से अचानक चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग लग गई। कमरे में मौजूद पवन के डेढ़ वर्षीय बेटे रिंकू तथा दो माह के जुड़वा बेटे करन और कार्तिक आग की चपेट में आकर झुलस गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बच्चों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया।
गंभीर हालत में दो बच्चों को जिला अस्पताल किया गया रेफर -
सीएचसी दुद्धी में प्राथमिक उपचार के बाद रिंकू और करन की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने शनिवार रात करीब 9:30 बजे दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार तड़के डेढ़ वर्षीय रिंकू ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
वहीं करन की हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे वाराणसी रेफर किया था। आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों के चलते परिजन उसे वाराणसी न ले जाकर रॉबर्ट्सगंज के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इलाज के लिए अधिक खर्च बताए जाने के बाद परिजन करन को राबर्ट्सगंज के धर्मशाला चौक स्थित एक अन्य निजी चिकित्सालय ले गए, जहां उसका उपचार जारी है।
अब पूरी तरह स्वस्थ है करन -
परिजनों के अनुसार करन की हालत में तेजी से सुधार हुआ है। चिकित्सकों ने उसे अब पूरी तरह स्वस्थ बताया है। पवन के मुताबिक करन को अस्पताल से जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है। हादसे में एक मासूम की मौत के बाद परिवार में जहां मातम पसरा है, वहीं करन के स्वस्थ होने से परिजनों को कुछ राहत मिली है।
बच्चों की चीख सुनकर दौड़ी मां -
पवन गुप्ता ने बताया कि वह सब्जी बेचने का काम करते हैं और घटना के समय घर से बाहर थे। उनकी पत्नी सुमित्रा घर के बाहर काम कर रही थीं। इसी दौरान बच्चों की चीख-पुकार सुनकर वह दौड़कर कमरे में पहुंचीं तो बच्चे आग की चपेट में थे। उन्होंने किसी तरह बच्चों को बाहर निकाला और ग्रामीणों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
परिवार के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक रहा। एक ओर डेढ़ वर्षीय रिंकू की मौत का गम है तो दूसरी ओर करन के स्वस्थ होने और जल्द अस्पताल से घर लौटने की उम्मीद ने परिजनों को थोड़ी राहत दी है।




