जयंती समारोह के दौरान संगठन की मजबूती और एकजुटता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।अध्यक्ष मणि शंकर पाठक, उपाध्यक्ष रणजीत तिवारी, महामंत्री कृष्ण कुमार पाठक, मंत्री उमेश पटेल, कोषाध्यक्ष नॉलेश वर्मा, कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय श्रमिकों ने बाबा साहेब के पदचिन्हों पर चलने और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। समारोह को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष मणि शंकर पाठक ने बाबा साहेब के सिद्धांतों को आज के दौर में सबसे प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है। बाबा साहेब ने न केवल संविधान की रचना की, बल्कि समाज के शोषित वर्गों को स्वाभिमान से जीने का मार्ग भी दिखाया। आज श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके बताए समानता के सिद्धांत ही हमारे सबसे बड़े संबल हैं। संगठन के उपाध्यक्ष रणजीत तिवारी ने बाबा साहेब को विनम्र नमन करते हुए उनके मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो पर जोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा बाबा साहेब ने समाज को उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने के लिए एक सशक्त संवैधानिक आधार दिया है। आज जब मजदूरों का उत्पीड़न, ग्रामीण सुविधाओं का अभाव और शिक्षा के गिरते स्तर जैसे सवाल सामने हैं, तब यह जयंती केवल उत्सव नहीं बल्कि संकल्प का दिन है। बाबा साहेब के विचारों को धरातल पर उतारकर समाज में न्याय और समानता की स्थापना करना ही उनके प्रति वास्तविक आदर होगा। कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने समाज में भाईचारा बनाए रखने और बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करने पर बल दिया। उपस्थित जनसमूह ने शपथ ली कि वे समाज में समरसता और एकजुटता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।