Sonbhadra news : अधूरा कूप निर्माण बना किसानों की परेशानी, ग्रामीणों ने उठाए भ्रष्टाचार पर सवाल
रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के मारकुंडी ग्राम पंचायत के टोला नंबर-7 में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे सिंचाई कूप (पक्का कुआं) निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।

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7:22 PM, May 27, 2026
राकेश चौबे
मारकुंडी (सोनभद्र)। रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के मारकुंडी ग्राम पंचायत के टोला नंबर-7 में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे सिंचाई कूप (पक्का कुआं) निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों और किसानों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य मानकों के विपरीत कराया गया तथा अधूरा छोड़ दिया गया है। मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भेजे गए शिकायत पत्र में बताया गया है कि कूप निर्माण कार्य के दौरान ही कई तकनीकी खामियों की ओर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार का ध्यान दिलाया गया था, लेकिन शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप है कि कुएं की खुदाई निर्धारित गहराई तक नहीं कराई गई और पत्थर आने के बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया।
शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि विभागीय जेई और ठेकेदार ने शुरुआत में आश्वासन दिया था कि कुएं की खुदाई 40 से 45 फीट तक कराकर पर्याप्त जलस्तर सुनिश्चित किया जाएगा। लेकिन बाद में लगभग 17-18 फीट खुदाई के बाद ही बोल्डर से दीवार खड़ी कर दी गई। विरोध करने पर भरोसा दिलाया गया कि बाद में मशीन से कुएं को और गहरा तथा चौड़ा किया जाएगा, लेकिन तीन महीने से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों को लिखित, मौखिक और दूरभाष के माध्यम से कई बार दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप यह भी है कि संबंधित निर्माण कार्य का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जबकि कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
किसानों ने आशंका जताई है कि बरसात शुरू होने से पहले यदि निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो बाद में कार्य कराना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप पूरा कराने की मांग की है।
फिलहाल क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




