Sonbhadra News : संकट की घड़ी में निरीक्षण छोड़ खुद ऑपरेशन थियेटर पहुँचे सीएमओ, एनेस्थीसिया देकर बचाई जच्चा-बच्चा की जान
लंबे समय से संसाधनों की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव और अव्यवस्थाओं के कारण सवालों के घेरे में रही जनपद की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊर्जा देने में जुटे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार..

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10:33 AM, July 30, 2026
आनन्द कुमार चौबे/घनश्याम पांडेय (संवाददाता)
सोनभद्र । लंबे समय से संसाधनों की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव और अव्यवस्थाओं के कारण सवालों के घेरे में रही जनपद की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊर्जा देने में जुटे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। जिस समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन में एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के समय पर न पहुंचने के कारण अटक गया था, उस समय प्रशासनिक कुर्सी पर बैठे अधिकारी ने नहीं, बल्कि एक संवेदनशील चिकित्सक ने जिम्मेदारी संभाली।
बुधवार को सीएचसी चोपन का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा को जब मरीज की गंभीर स्थिति और एनेस्थेटिक के नहीं होने की सूचना मिली निरीक्षण छोड़ उन्होंने तत्काल ऑपरेशन एप्रन पहनकर स्वयं एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन शुरू कराया। उनकी निगरानी में चिकित्सकों की टीम ने सुरक्षित प्रसव कराया, जिसमें मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। आपको बताते चलें कि मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा स्वयं एनेस्थेटिक हैं।
सबसे पहले मैं डॉक्टर हुं, बाद में अधिकारी -
घटना के संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि "मरीज का जीवन सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी कारणवश विशेषज्ञ चिकित्सक समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते और उनकी विशेषज्ञता से मरीज की जान बचाई जा सकती है, तो पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि "मैं सबसे पहले एक डॉक्टर हूं, उसके बाद प्रशासनिक अधिकारी। मरीज की जान बचाना हमारा पहला कर्तव्य है और स्वास्थ्य विभाग का हर अधिकारी एवं चिकित्सक इसी भावना के साथ कार्य करे, यहीं मेरी अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि जनपद के सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी नहीं होने दी जाएगी।"
योगी सरकार की मंशा को मिला धरातल पर बल -
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक लगातार सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दे रहे हैं। चोपन सीएचसी की यह घटना उसी संकल्प को धरातल पर उतारती नजर आई, जहां एक प्रशासनिक अधिकारी ने कुर्सी से उठकर ऑपरेशन थिएटर में अपनी चिकित्सकीय विशेषज्ञता का परिचय दिया।
जिले में हो रही सराहना -
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों तक हर जगह सीएमओ डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि हर अधिकारी अपने दायित्व को इसी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निभाए, तो सरकारी अस्पतालों की छवि और लोगों का भरोसा दोनों मजबूत होंगे। कई लोगों ने इसे केवल एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में भरोसा जगाने वाला कदम बताया।




