Sonbhadra News : सुबह पिता की नौकरी छिन गयी तो शाम बेटी की थम गई सांसें
सोनभद्र की नेशनल खिलाड़ी अनुराधा पटेल की भी ख्वाइश थी कि वह देश के लिए खेले और पदक जीते । लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था। एक घटना ने जहां अनुराधा की सांसें छीन ली वहीं उसी दिन पिता की नौकरी भी ।

sonbhadra
10:58 AM, August 4, 2024
शान्तनु कुमार/आनंद चौबे (संवाददाता)
◆ नेशनल खिलाड़ी अनुराधा पहुंचना चाहती थी बहुत ऊंचाई पर
◆ किस्मत ने वहां पहुंचा दिया जहां से आज तक कोई लौटा नहीं
◆ एक हादसे ने गरीब परिवार को तोड़कर रख दिया
◆ पीड़ित का आरोप, नहीं मिल रहा प्रशासन का सहयोग
◆ बड़ा सवाल, आखिर डायट परिसर में कार सीखने की इजाज़त किसने दी
◆ डायट के पास ही है फायर का कैम्प आफिस
सोनभद्र । इन दिनों पेरिस में ओलंपिक गेम चल रहा है और भारत लगातार पदक के लिए संघर्ष कर रहा है । सोनभद्र की नेशनल खिलाड़ी अनुराधा पटेल की भी ख्वाइश थी कि वह देश के लिए खेले और पदक जीते । अनुराधा का पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी कमजोर था । उसके पिता मुम्बई में ड्राइविंग का काम करते थे । आर्थिक रूप से कमजोर अनुराधा की सोच थी कि वह खेल में वह मुकाम हासिल करे जहां न सिर्फ शोहरत मिले बल्कि पैसा भी मिले ताकि मां-बाप की आर्थिक कष्ट को दूर कर सके ।
अनुराधा की सबसे खास सहेली ज्ञानवी का कहना है कि अनुराधा हमेशा कहती थी कि वह एक दिन इतनी ऊंचाई पर जाएगी कि परिवार का हर दुःख दर्द खत्म कर देगी । लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था । एक अगस्त की घटना ने न सिर्फ अनुराधा की ख्वाइश को खत्म कर दिया बल्कि परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा । किसी को क्या पता था कि जिस ऊंचाई पर पहुंचने की बात अक्सर अनुराधा करती थी वहां से आज तक कोई लौटा ही नहीं ।




