Sonbhadra News : व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में व्यापारियों ने उठाए सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं के मुद्दे
व्यापारियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार की अध्यक्षता में.....

व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक करते एएसपी (मुख्यालय) अनिल कुमार......
sonbhadra
8:48 PM, June 28, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• बैठक में एएसपी से नो-एंट्री समय बदलने, पुलिस पिकेट व खतौनी रजिस्टर प्रकरण की जांच तेज करने की उठी मांग
सोनभद्र । व्यापारियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में व्यापारियों ने शहर की प्रमुख समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की। विशेष रूप से स्कूल खुलने के दौरान यातायात व्यवस्था, चुर्क मोड़ पर यात्री सुविधाओं की कमी और वर्षों से गायब खतौनी रजिस्टर के मामले को लेकर व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया।
स्कूल खुलने पर बदले नो-एंट्री का समय -
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि आगामी 1 जुलाई से विद्यालय खुल रहे हैं, जबकि नगर में भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री सुबह 8 बजे से लागू होती है। विद्यालयों का संचालन सुबह 7 बजे से शुरू होने के कारण इसी समय बच्चों और अभिभावकों की सबसे अधिक आवाजाही रहती है। दूसरी ओर नो-एंट्री लागू होने से पहले भारी वाहन भी जल्दबाजी में शहर से निकलने का प्रयास करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई हादसे भी हो चुके हैं। उन्होंने मांग की कि बढ़ौली चौराहा, डीएवी स्कूल, जयपुरिया स्कूल मोड़ सहित अन्य स्कूलों के आसपास पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं अथवा नो-एंट्री का समय एक घंटे आगे बढ़ाया जाए।
चुर्क मोड़ पर बने पुलिस पिकेट और यात्री प्रतीक्षालय -
जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि चुर्क मोड़ सर्किट हाउस तिराहा जनपद का प्रमुख प्रवेश द्वार है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्री, विद्यार्थी, पुलिसकर्मी और ग्रामीण बसों व अन्य वाहनों का इंतजार करते हैं। इसके बावजूद वहां यात्रियों के बैठने या धूप, बारिश और ठंड से बचाव की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने इस स्थान पर आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय के साथ स्थायी पुलिस पिकेट स्थापित किए जाने की मांग की।
आठ साल बाद भी नहीं मिला गायब खतौनी रजिस्टर -
बैठक में कौशल शर्मा ने वर्ष 2018 में गायब हुए खतौनी रजिस्टर का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी 2018 को संदिग्ध परिस्थितियों में खतौनी रजिस्टर गायब हुआ था और 4 मार्च 2018 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन लगभग आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो रजिस्टर बरामद हुआ और न ही संबंधित सर्वे सूची सार्वजनिक की गई। उन्होंने कहा कि नगर में लगातार बढ़ रहे भूमि विवादों को देखते हुए इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
व्यापारियों ने रखीं जनहित से जुड़ी मांगें -
बैठक में मौजूद व्यापारियों ने कहा कि पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय मजबूत होने से अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों को भी बेहतर सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने पर भी जोर दिया।
बैठक में राजेश जायसवाल, राजू जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल, विनोद जायसवाल, अमित अग्रवाल, धीरेंद्र जायसवाल, हाजी सलीम हुसैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।




