Sonbhadra News : सीता स्वयंम्बर में शिव का खण्डित धनुष देख भड़क उठी परशुराम के क्रोध की ज्वाला
महुली में मंचित हो रहे श्रीरामलीला का पांचवां दिन

सोनभद्र
12:23 PM, October 5, 2024
धर्मेन्द्र गुप्ता(संवाददाता)
विंढमगंज(सोनभद्र)। स्थानीय थाना क्षेत्र के महुली में राजा बरियार शाह खेल मैदान में चल रहे श्री रामलीला के पांचवे दिन धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया गया। आरबीएस रामलीला मैदान पर मंचन के पांचवे दिन समिति के कलाकारों ने विभिन्न चरित्रों का जीवंत अभिनय कर आगन्तुक दर्शकों का मन मोह लिया।शुक्रवार की रात्रि में रामलीला मैदान पर सीता द्वारा गौरी पूजन, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन हुआ। स्वयंबर में खण्डित धनुष देख परशुराम के क्रोध की ज्वाला भड़क उठता है।लक्ष्मण के बातों को सुनकर परशुराम की क्रोध और बढ़ने लगती है,वहीँ प्रभु श्रीराम के मृदुल भाव व वचन सुनकर उनकी ज्वाला कम होती है।पुनः जब परशुराम को ज्ञात होता है कि श्री राम ही नारायण हैं तब उनके विजयी होने की कामना करते हैं।पांचवे दिन मंचन के क्रम में राजा जनक के स्वयंबर के शर्त के अनुसार अनेक दूर-दूर से आए राजा गण जब धनुष को तोड़ने की बात दूर उसे उठाने में भी अपनी असमर्थतता दिखाते हैं तब राजा जनक कहते हैं कि मुझे ऐसा आभास हो रहा है कि कोई इस पृथ्वी पर बलशाली नही है,यह पूरी धरा बीरों से खाली है।मैंने यह स्वयंबर रचकर अपनी जग हँसाई करायी है।यह वचन सुनते ही मुनि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्री राम धनुष की चाप चढ़ाकर उसका खण्डन करते हैं।वहीं दुसरी तरफ महाराज जनक अयोध्या में दूत भेजकर राजा दशरथ को बारात सहित पहुँचने का संदेशा भेजवाते हैं।
इसअवसर पर समिति के अध्यक्ष व ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल,बीरेंद्र कनौजिया ,अमित कन्नौजिया सहित समिति के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।इस मौके पर दर्शकों की भीड़ देखने लायक थी।




