Sonbhadra News : हार्टफुलनेस ध्यान में हम प्रार्थना के माध्यम से खुद से जुड़ाव महसूस करते हैं
जिला कारागार सोनभद्र में पुरुष एवं महिला बंदियों को हार्टफुलनेस ध्यान कराया गया। हार्टफुलनेस ध्यान के सत्र से पूर्व योग ट्रेनर डॉ वैभव और प्रशांत के द्वारा बंदियों को हार्टफुलनेस प्राणायाम सिखाया गया।

जिला कारागार सोनभद्र में पुरुष एवं महिला बंदियों को हार्टफुलनेस ध्यान कराया गया
sonbhadra
6:54 PM, December 22, 2024
शान्तनु कुमार
सोनभद्र । रविवार को सुबह जिला कारागार सोनभद्र में पुरुष एवं महिला बंदियों को हार्टफुलनेस ध्यान कराया गया। हार्टफुलनेस ध्यान के सत्र से पूर्व योग ट्रेनर डॉ वैभव और प्रशांत के द्वारा बंदियों को हार्टफुलनेस प्राणायाम सिखाया गया। हार्टफुलनेस ट्रेनर गोपाल द्वारा बंदियों को बताया गया कि यदि हमें किसी से मुलाकात करनी होती है तो उसके पास जाना पड़ता है। यदि खुद से मुलाकात करना हो तो हमें अपने भीतर जाना ही पड़ेगा। अर्थात ध्यान से हम अपने भीतर देखना सीख जाते हैं। हार्टफुलनेस प्रार्थना हमें खुद से जुड़ने में हमारी मदद करती है। हार्टफुलनेस प्रार्थना में हम महसूस करते हैं कि ईश्वर ही हमारे जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है। हमारी इच्छाओं की गुलामी हमें ईश्वर से दूर रखती है। अंत में हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर आप ही हैं जो हमें अपने आप तक ले चल सकते हैं। हार्टफुलनेस ट्रेनर द्वारा यह भी बताया गया कि हार्टफुलनेस प्रार्थना रात्रि में सोने से ठीक पूर्व एक या दो बार दोहराई जाती है तथा प्रातः ध्यान के पूर्व एक बार प्रार्थना करके ध्यान की शुरुआत करते हैं। सभी बंदियों को हार्टफुलनेस प्रार्थना की प्रति प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में वालंटियर कंचन लता द्वारा सहयोग किया गया।




