Sonbhadra News : युवा उद्यमियों की फाइलें बेवजह अटकाई तो होगी कार्यवाही - डीएम
उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही अब भारी पड़ेगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग बंधु एवं........

उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधु की बैठक करते जिलाधिकारी चर्चित गोंड.....
sonbhadra
7:03 PM, August 31, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में अनावश्यक आपत्तियों पर जताई नाराजगी
• जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के 10 लाख रुपये तक के बीमा का प्रचार कराने का निर्देश
सोनभद्र । उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही अब भारी पड़ेगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधु की बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बैंकर्स को दो टूक निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत लाभार्थियों की पत्रावलियों पर अनावश्यक आपत्तियां लगाकर उनका निरस्तीकरण न किया जाए। बिना उचित कारण फाइल निरस्त किए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित बैंकर्स के खिलाफ कार्यवाही की चेतावनी दी।
बैठक में उद्यमियों एवं व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं, शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन तथा बैंकों में लंबित पत्रावलियों के निस्तारण की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों और बैंकर्स को निर्देशित किया कि पात्र उद्यमियों एवं व्यापारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण किया जाए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने बैंकर्स एवं एलडीएम से कहा कि यदि किसी लाभार्थी की पत्रावली में कोई कमी है तो उसे स्पष्ट रूप से अवगत कराते हुए आवश्यक सुधार कराया जाए। केवल आपत्तियां लगाकर पत्रावली को निरस्त करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीएम ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से संबंधित बैनर-पोस्टर सभी बैंक शाखाओं में प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को योजना की जानकारी मिल सके और पात्र लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें।
जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख तक का बीमा -
बैठक में जीएसटी विभाग के अधिकारी ने व्यापारियों के लिए उपलब्ध बीमा सुविधा की जानकारी दी। बताया गया कि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के लिए नियमानुसार 10 लाख रुपये तक के बीमा का प्रावधान है। पंजीकृत व्यापारी की दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में पात्रता एवं नियमानुसार बीमा कंपनी द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस पर जिलाधिकारी ने जीएसटी विभाग को इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना से लाभान्वित पात्र लोगों को चेक वितरण का कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए, जिससे व्यापारियों के साथ आम लोगों को भी योजना की जानकारी मिल सके।
किसानों और उद्यमियों की लंबित पत्रावलियों का भी लिया जायजा -
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की भी समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र किसानों को योजना का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा जनपद में कंपनियों एवं उद्योगों से संबंधित लंबित पत्रावलियों की समीक्षा करते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र उद्यमियों एवं व्यापारियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए।
ये रहे मौजूद -
बैठक में उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी राजेश भारती, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी, बैंकर्स तथा उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधु के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




