जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने बताया कि "शासन स्तर पर 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के बाद यह निर्णय लिया गया है। अभियान के दौरान भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा, सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण, चकबंदी संबंधी विवाद, राजस्व एवं पुलिस विभाग से जुड़े भूमि प्रकरणों सहित सभी महत्वपूर्ण भूमि विवादों की गहन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन के संज्ञान में यह बात आई है कि अनेक मामलों में शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी स्तर पर दिखा दिया गया अथवा उन्हें "स्पेशल क्लोज" श्रेणी में डालकर बंद कर दिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर विवाद यथावत बने रहे। कुछ मामलों में अधूरी एवं भ्रामक रिपोर्ट लगाकर निस्तारण दर्शाया गया। ऐसे सभी मामलों की अब तहसील, जिला एवं मंडल स्तर पर पुनः जांच होगी।